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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस ने साधा मोदी पर निशाना, कहा-CBI और कोर्ट का कर दिया राजनीतिकरण

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि- 'जब मोदी जी सीबीआई, न्यायालय, चुनाव आयोग, राष्ट्रपति, गर्वनर का राजनीतिकरण कर सकते हैं तो मेरी सहानूभूति उनके साथ है जो यह विश्वास नहीं करते की वो आईएएस एसोसिएशन का राजनीतिकरण नहीं कर सकते हैं'।

मार्कंडेय काटजू सोशल मीडिया पर विवादित बयानों की वजह से चर्चा में रहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। मार्कण्डेय काटजू ने ट्वीट कर कहा है कि केंद्र सरकार ने सीबीआई और न्यायालय का राजनीतिकरण कर दिया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि- ‘जब मोदी जी सीबीआई, न्यायालय, चुनाव आयोग, राष्ट्रपति, गर्वनर का राजनीतिकरण कर सकते हैं तो मेरी सहानूभूति उनके साथ है जो यह विश्वास नहीं करते की वो आईएएस एसोसिएशन का राजनीतिकरण नहीं कर सकते हैं’।

IAS अधिकारी और दिल्ली सरकार के बीच है विवाद: इस वक्त दिल्ली में मुख्यमंत्री केजरीवाल और आईएएस अधिकारियों के बीच विवाद चल रहा है। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल आईएएस अधिकारियों के हड़ताल पर जाने और इन अधिकारियों के मंत्रियों की बैठक में ना आने से नाराज हैं। अपना विरोध दर्ज कराने के लिए सीएम बीते (11 जून) से उपराज्यपाल अनिल बैजल के घर पर अपने कैबिनेट सहयोगियों के साथ धरने पर बैठे हैं। अरविंद केजरीवाल आईएएस अधिकारियों का हड़ताल तुड़वाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी भी लिख चुके हैं।

इधर बीते रविवार को आईएएस संगठन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह कहा कि वो हड़ताल पर नहीं हैं और नियमित रुप से अपना काम कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आईएएस अधिकारियों की तरफ से कहा गया था कि उन्हें राजनीति से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ ऐसी बैठकों में जाने से परहेज करते हैं जहां उन्हें सुरक्षा नहीं मिलती।

मार्कण्डेय काटजू करते रहे हैं सख्त टिपप्णियां: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कण्डेय काटजू विभिन्न मुद्दों पर सख्त टिप्पणी करने के लिए जाने जाते हैं। कई बार उनकी टिप्पणियों की वजह से विवाद भी हुए हैं। केरल के चर्चित सौम्या मर्डर केस में जब सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी गोविन्दचामी की फांसी की सजा रद्द की थी तब काटजू ने अदालत के इस फैसले का विरोध किया था। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि ‘सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी को हत्या का कसूरवार न मानकर गलती की है और उन्हें अपने फैसले पर पुनिर्विचार करना चाहिए’। इस पर कोर्ट ने उन्हें अवमानना का नोटिस भी थमा दिया था।

काटजू ने अपने एक ब्लॉग में ‘महात्मा गांधी को ब्रिटिश और सुभाष चंद्र बोस को जापानी एजेंट भी बतला दिया था’। इसपर ससंद के दोनों सदनों में काटजू के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया था। साल 2016 में जब एक फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ पर विवाद हुआ था तो उस वक्त उन्होंने एमएनएस पर निशाना साधते हुए कहा था कि ‘मनसे के कार्यकर्ता गुंडे हैं, जिन्होंने अरब सागर का खारा पानी ही चखा है। मैं इलाहाबादी गुंडा हूं, जिसने संगम का पानी पिया है’।

इतना ही नहीं काटजू ने साल 2016 में कश्मीर को लेकर एक तल्ख टिप्पणी करते हुए कह दिया था कि ‘पाकिस्तान को कश्मीर एक शर्त पर ही मिलेगा, उसे साथ में बिहार भी लेना पड़ेगा’। इसपर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने काटजू पर जमकर निशाना साधा था।

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