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भाजपा के पूर्व वित्‍त मंत्री ने कहा- सदन में चर्चा के दौरान अरुण जेटली ने क्‍यों छुपाई माल्‍या से मिलने की बात

सिन्हा ने कहा कि भगोड़ों के प्रत्यर्पण के नाम पर सरकार लोगों की आंख में धूल झोक रही है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा।

अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री और विदेश मंत्री रह चुके यशवंत सिन्हा ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर हमला बोला है और पूछा है कि जब साल 2016 में राज्यसभा में विजय माल्या के विदेश भागने में सरकार की भूमिका पर चर्चा हुई थी तब अपने जवाब में जेटली ने सदन को क्यों नहीं बताया कि उनसे संसद के अंदर चलते-चलते या बंद कमरे में या किसी भी तरह मुलाकात हुई थी। सिन्हा ने कहा कि यह विशेषाधिकार हनन का मामला बन सकता है। यशवंत सिन्हा ने लगे हाथ यह भी कहा कि विजय माल्या के खिलाफ लुक आउट नोटिस होने की जानकारी वित्त मंत्री को थी और वह उनसे मुलाकात में कह रहा था कि लंदन जा रहा हूं, तब वित्त मंत्री ने एजेंसियों को क्यों नहीं अलर्ट किया कि माल्या विदेश भागने की कोशिश में है।

सिन्हा ने कहा कि भगोड़ों के प्रत्यर्पण के नाम पर सरकार लोगों की आंख में धूल झोक रही है। उन्होंने कहा कि अगर कोई एक आदमी भागता तो हम कह सकते थे कि चूक हो गई लेकिन ललित मोदी से लेकर विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी तक सभी घोटालेबाज विदेश भाग गए, जबकि इन सबों की लिस्ट प्रधानमंत्री कार्यालय में थी। एबीपी न्यूज से बात करते हुए यशवंत सिन्हा ने कहा कि जब माल्या ने कहा तब वित्त मंत्री की सफाई आई कि हां उनसे मुलाकात हुई। उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार यानी प्रधानमंत्री की तरफ से सफाई आनी चाहिए कि आखिर मामला क्या है? उन्होंने कहा कि अगर पीएम की सफाई संतोषजनक नहीं मिले तो इसकी निष्पक्ष एजेंसी से जांच होनी चाहिए। सिन्हा ने कहा कि बीजेपी के ही सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी भी इस मामले को उठा चुके हैं।

सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने सरकारी कार्यक्रम का राजनीतिकरण किया और कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने पीएम के उस बयान को गंभीर मसला बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि जब उनकी सरकार बनी थी तब लैंडमाइन इकॉनोमी मिली थी और फ्रॉड्स की सूचना मिली थी। सिन्हा ने कहा कि जब सरकार को बड़े फ्रॉड की जानकारी थी तब चार साल बाद भी प्रधानमंत्री ने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने पूछा कि पीएम एक भी शख्स का नाम बताएं, जिसके खिलाफ सरकार ने कोई कार्रवाई की हो। बता दें कि बुधवार (12 सितंबर) को भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने लंदन में मीडिया को बताया कि लंदन भागने से पहले उन्होंने वित्त मंत्री से मुलाकात की थी। बाद में वित्त मंत्री जेटली ने मुलाकात की बात को कबूल किया लेकिन सेटलमेंट की बात से खारिज किया।

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