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‘जेल में नहीं, अस्पताल में बिताया वक्त’, चुनाव लड़ रहे पूर्व ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ प्रदीप शर्मा का वीडियो वायरल

चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए प्रदीप शर्मा ने कहा है कि " जिन्दगी के मुश्किल वक्त में शिंदे साहब ने मेरी बहुत मदद की...जेल में रहने के दौरान साढ़े तीन सालों में से ढाई साल मैंने अस्पताल में बिताए। यह सिर्फ उनकी मदद से ही हुआ।"

Author मुंबई | Published on: October 11, 2019 9:07 AM
पूर्व पुलिस अधिकारी और शिवसेना नेता प्रदीप शर्मा। (फाइल फोटो)

पूर्व पुलिस अधिकारी और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे प्रदीप शर्मा महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। हालांकि हाल ही में चुनाव प्रचार के दौरान प्रदीप शर्मा कुछ ऐसा कह गए, जिस पर विवाद हो गया है। दरअसल प्रदीप शर्मा ने एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने जेल में रहने के दौरान जेल से ज्यादा वक्त अस्पताल में बिताया था। प्रदीप शर्मा के इस बयान के वीडियो फुटेज भी सोशल मीडिया पर काफी देखे जा रहे हैं। हालांकि अब विवाद बढ़ता देख प्रदीप शर्मा ने कहा है कि उनकी जुबान फिसल गई थी।

बता दें कि प्रदीप शर्मा मुंबई की नालासोपारा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं। साल 2006 में प्रदीप शर्मा पर गैंगस्टर छोटा राजन के सहयोगी राम नारायण गुप्ता उर्फ लाखन भैया के फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा था। इस मामले में प्रदीप शर्मा साढ़े तीन साल जेल में भी रहे, बाद में उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया था। जिस वक्त प्रदीप शर्मा जेल में थे, उस वक्त साल 2012 में आईजी जेल ने थाणे जेल को एक पत्र लिखा था।

इस पत्र में आईजी जेल ने इस बात पर चिंता जाहिर की थी कि प्रदीप शर्मा ने जेल में रहने के दौरान आधा वक्त थाणे के सिविल अस्पताल में बिताया था। प्रदीप शर्मा को कमर की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अब चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए प्रदीप शर्मा ने कहा है कि ” जिन्दगी के मुश्किल वक्त में शिंदे साहब ने मेरी बहुत मदद की…जेल में रहने के दौरान साढ़े तीन सालों में से ढाई साल मैंने अस्पताल में बिताए। यह सिर्फ उनकी मदद से ही हुआ।”

जिन शिंदे साहब का प्रदीप शर्मा ने जिक्र किया है, वह शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे हैं, जो कि महाराष्ट्र की मौजूदा सरकार में कैबिनेट मंत्री भी हैं। वहीं बाद में शिंदे ने मीडिया को बताया कि ‘शर्मा एक पुलिस अधिकारी था और एक अधिकारी की मदद करने में गलत क्या है।’

वहीं अपने बयान पर विवाद बढ़ता देख प्रदीप शर्मा ने एक वीडियो जारी किया है, जिसने उन्होंने साफ किया है कि उन्होंने जेल में रहने के दौरान ढाई महीने अस्पताल में बिताए, जबकि जुबान फिसलने की वजह से वह ढाई साल कह गए थे। शर्मा ने ये भी कहा कि शिंदे ने उन्हें सिर्फ नैतिक समर्थन दिया और शिंदे उस वक्त सिर्फ एक विधायक थे, कोई मंत्री नहीं।

हालांकि मई 2012 में जेल अथॉरिटीज को लिखे गए पत्र, थाणे सिविल हॉस्पिटल के सिविल सर्जन के आंकड़ों के अनुसार, प्रदीप शर्मा ने साल 2010 से लेकर अप्रैल-2012 के बीच 361 दिन जेल में बिताए थे।

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