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PM Cares Fund में साफ झलक रही पारदर्शिता की कमी- नरेंद्र मोदी को पूर्व नौकरशाहों ने लिखा खत- सार्वजनिक करें खर्च

पूर्व अफसरों ने चिट्ठी लिखकर पूछा है कि जिस मकसद के लिए पीएम केयर्स फंड का गठन हुआ, उसे लेकर कई सवाल हैं पर अब तक कोई जवाब नहीं आया है।

PM Cares Fund, RTI
केंद्र सरकार ने 24 दिसंबर को ही दिया था पीएम केयर्स फंड पर एक आरटीआई का जवाब।

कोरोनावायरस महामारी की शुरुआत में ही इससे निपटने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम केयर्स फंड की स्थापना की थी। हालांकि, इसमें दान जुटने के साथ ही लोगों ने इसकी पारदर्शिता पर सवाल उठाने भी शुरू कर दिए। अब सौ पूर्व नौकरशाहों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुला पत्र लिखकर पीएम-केयर्स निधि को लेकर सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जवाबदेही के मानकों के पालन के मद्देनजर प्राप्तियों और खर्चों का वित्तीय ब्योरा उपलब्ध कराना जरूरी है ताकि किसी तरह की अनियमितता के संदेह से बचा जा सके।

पूर्व अधिकारियों ने खुले पत्र में लिखा, ‘‘हम पीएम-केयर्स या आपात स्थिति में नागरिक सहायता और राहत के बारे में जारी बहस पर करीब से नजर रख रहे हैं। यह कोष कोविड महामारी से प्रभावित लोगों के फायदे के लिए बनाया गया था। जिस उद्देश्य से यह कोष बनाया गया और जिस तरह से इसे संचालित किया गया, दोनों को लेकर कई सवाल हैं, जिनका अब तक कोई जवाब नहीं आया है।’’

उन्होंने कहा, “चिट्ठी लिखने का तत्काल कारण यह है कि पीएम केयर्स फंड की जानकारी आरटीआई के जरिए भी नहीं दी जा रही। कहा जा रहा है कि पीएम केयर्स फंड 2005 के आरटीआई ऐक्ट के प्रावधानों के तहत कोई सार्वजनिक प्राधिकरण नहीं है। अगर यह कोई पब्लिक अथॉरिटी नहीं है, तो सरकार के सदस्य होने के बावजूद प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने इसमें अपने आधिकारिक पद का इस्तेमाल किया है।”

रिटायर्ड नौकरशाहों ने पीएम से अपील की है कि वे पीएम केयर्स फंड में साफगोई सुनिश्चित करें। चिट्ठी में लिखा गया ‘‘आवश्यक है कि प्रधानमंत्री से जुड़े समस्त लेनदेन में पूरी तरह पारदर्शिता सुनिश्चित करके प्रधानमंत्री के पद और दर्जे को अक्षुण्ण रखा जाए।’’

किन नौकरशाहों ने किए हैं चिट्ठी पर हस्ताक्षर: चिट्ठी पर पूर्व आईएएस अधिकारियों अनिता अग्निहोत्री, एस पी अंब्रोसे, शरद बेहार, सज्जाद हासन, हर्ष मंदर, पी जॉय ओमेन, अरुणा रॉय, पूर्व राजनयिकों मधु भादुड़ी, के पी फाबियान, देब मुखर्जी, सुजाता सिंह और पूर्व आईपीएस अधिकारियों ए एस दुलात, पी जी जे नंबूदरी तथा जूलियो रिबेरो आदि के हस्ताक्षर हैं।

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