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बीजेपी के वरिष्ठ सांसद का दावा: लक्ष्मण टीले को तोड़ जबरदस्ती बना दी गई ‘टीले वाली मस्जिद’

भाजपा नेता की इस किताब में दावा किया गया है कि मशहूर 'लक्ष्मण टीला' को तोड़ा गया है जिसके बाद उसी स्थान पर 'टीला वाली मस्जिद' का निर्माण कराया गया है। आपको बता दें कि लखनऊ में 'टीले वाली मस्जिद' काफी मशहूर है।

पूर्व भाजपा सांसद लालजी टंडन। फोटो सोर्स – Facebook

पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता लालजी टंडन की किताब ‘अनकहा लखनऊ’ से एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस किताब में दावा किया गया है कि इसमें अवध और लखनऊ से जुड़े ऐसे तथ्य हैं जिनसे अब तक कई लोग अंजान थे। लालाजी टंडन ने अपनी किताब में नवाब रुल (हुकूमत) यानी नवाबों के समय के शासन काल की प्रशंसा की है और कहा है कि अंग्रजों ने नवाबों की छवि खराब की थी। भाजपा नेता की इस किताब में दावा किया गया है कि मशहूर ‘लक्ष्मण टीला’ को तोड़ा गया है जिसके बाद उसी स्थान पर ‘टीला वाली मस्जिद’ का निर्माण कराया गया है। आपको बता दें कि लखनऊ में ‘टीले वाली मस्जिद’ काफी मशहूर है।

अपनी किताब के बारे में इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि लखनऊ में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने के बाद यहां की तहजीब खत्म होती चली गई। सैकड़ों साल पुरानी टीला का खत्म होना भी इसी सांप्रदायिक तनाव का नतीजा है। टंडन ने आगे कहा कि सैकड़ों साल तक अवध और लखनऊ में नवाब रुल (हुकूमत) के दौरान समाज में भेदभाव नहीं था। यहां तक की उस समय एक भी सांप्रदायिक दंगा भी नहीं हुआ। टंडन के मुताबिक अंग्रजों के आने के बाद नवाबों की छवि को खराब किया गया। इस किताब में लिखा गया है कि मुगल शासक खिलजी के शासन काल में लखनऊ भगवान राम के छोटे बाई लक्ष्मण से अलग हो गया।

लालजी टंडन ने अपनी किताब में कहा है कि लक्ष्मण टीले पर शेष गुफा थी जहां बड़ा मेला लगता था। खिलजी के वक्त यह गुफा ध्वस्त की गई। बार-बार इसे ध्वस्त किया जाता रहा और यह जगह टीले में तब्दील हो गई। वरिष्ठ भाजपाई नेता के मुताबिक औरंगजेब ने बाद में यहां एक मस्जिद बनवा दी।लालजी टंडन ने पार्षद से लेकर कैबिनेट मंत्री और दो बार सांसदी तक का 8 दशक से अधिक का सामाजिक एवं सियासी सफर लखनऊ में ही पूरा किया है। आपको बता दें कि भाजपा के पूर्व सांसद लालजी टंडन की पुस्तक का विमोचन 26 मई को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू करेंगे।

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