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चुनाव आयोग ने किया साफ, कल सुबह 10 बजे होगा ईवीएम हैकिंग चैलेंज

ईवीएम हैकिंग चैलेंज: उत्तराखंड हाई कोर्ट चाहता है कि चुनाव आयोग हैकाथन में नई मशीनों का इस्तेमाल करे।

यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर विधान सभा के नतीजे आने के बाद से ही कई राजनीतिक दल ईवीएम मशीन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। (Photo Source: C R Sasikumar)

चुनाव आयोग ने साफ किया है कि चैलेंज कर वक्त पर होगा। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि ईवीएम हैकिंग चैलेंज सुबह 10 बजे शुरू होगा। एनसीपी और सीपीआई की तरफ से तीन-तीन लोग इसमें हिस्सा लेंगे।

इससे पहले चुनाव आयोग द्वारा शनिवार (3 मई) को करवाए जाने वाला हैकाथन संकट में घिरा नजर आ रहा था।।दरअसल, शुक्रावार को उत्तराखंड हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था कि उसको हैकिंग चैलेंज करवाने के लिए नई ईवीएम मशीन लानी चाहिए और चुनाव में इस्तेमाल हो चुकी मशीनों को नहीं लेना चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा कि मशीन से छेड़छाड़ के आरोपों के बाद से चुनाव आयोग की साख दांव पर है।

दरअसल उत्तराखंड हाईकोर्ट के पास एक जनहित याचिका डाली गई थी। उसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग को ऐसा कोई कार्यक्रम करवाने का अधिकार नहीं है। फिलहाल हैकाथन के लिए चुनाव आयोग ने तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के दौरान इस्तेमाल हुई कुल 14 ईवीएम मंगा ली गई हैं। ये ईवीएम ही पंजाब, उत्तराखंड और यूपी चुनाव 2017 में इस्तेमाल हुई थीं। खबरों के मुताबिक, देहरादून जिले से भी दो ईवीएम चुनाव आयोग के पास पहुंची हैं।

हैकाथन में कुल दो राष्ट्रीय पार्टी हिस्सा लेंगी। जिसमें नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (एम) शामिल है। आम आदमी पार्टी (आप) ने इस हैकाथन से किनारा कर लिया है। आप का कहना है कि चुनाव आयोग अपने मुताबिक सब कर रहा है।

ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप सबसे पहले मायावती ने लगाया था। उसके बाद अखिलेश यादव, हरीश रावत ने मायावती की बात को दोहराया। फिर अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को हवा दी। आप ने दिल्ली विधानसभा में ईवीएम जैसी दिखने वाली मशीन को हैक करके भी दिखाया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने कहा था कि वह ईवीएम नहीं है। उसके बाद ही चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम हैक करके दिखाने की चुनौती दी।

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