Union Minister Bandi Sanjay Son Arrested: तेलंगाना पुलिस ने शनिवार शाम को केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी साई भागीरथ को POCSO मामले में गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी होने के कुछ घंटों बाद हुई। भागीरथ पर अक्टूबर और दिसंबर 2025 के बीच एक 17 साल की लड़की का यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। बताया जाता है कि दोनों की मुलाकात जून 2025 की शुरुआत में आपसी दोस्तों के जरिये हुई थी।

साइबराबाद के पुलिस कमिश्नर ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “शनिवार रात 8.15 बजे तलाशी अभियान के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे पेटबशीरबाद पुलिस स्टेशन ले जाया गया।” कमिश्नर ने आगे बताया कि भागीरथ को अब मेडिकल के लिए भेजा जाएगा और हैदराबाद में स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा।

कानून सभी के लिए समान- बंदी संजय कुमार

इस बीच, बंदी संजय कुमार ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने ही अपने बेटे को पुलिस के हवाले किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “सत्यमेव जयते। कानून और न्यायपालिका के प्रति पूर्ण आदर के साथ, आज मेरे बेटे बंदी भागीरथ को हमारे वकीलों के माध्यम से तेलंगाना पुलिस के समक्ष जांच के लिए पेश किया गया। मैंने पहले भी कहा है, चाहे मेरा अपना बेटा हो या कोई आम नागरिक, कानून के समक्ष सभी समान हैं। मेरे बेटे ने लगातार यही कहा है कि उसने कोई गलती नहीं की है।”

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, “लीगल एक्सपर्ट से परामर्श करने और हमारे पास उपलब्ध साक्ष्यों को उनके समक्ष रखने के बाद, हमें सलाह दी गई कि मामले का उचित निपटारा कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। साथ ही, मैं जांच में पूर्ण सहयोग करने और न्यायिक प्रणाली का सम्मान करने में विश्वास रखता हूं। हालांकि अदालती कार्यवाही चल रही है और अगले हफ्ते आदेश आने की उम्मीद है और हमारी कानूनी टीम की सलाह के बावजूद, मुझे लगा कि जांच में सहयोग करने में हमें कोई संकोच नहीं करना चाहिए। मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन न्याय से इनकार नहीं किया जा सकता।”

क्या है भागीरथ के खिलाफ पूरा मामला?

भागीरथ के खिलाफ शिकायत 8 मई को दर्ज की गई थी। शिकायत में लड़की की मां ने आरोप लगाया है कि भागीरथ ने उसकी बेटी का बार-बार यौन शोषण किया और उसे भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल किया। शिकायत के अनुसार, उसने कथित तौर पर उसे अलग-थलग कर दिया।

पुलिस ने शुरू में भागीरथ के खिलाफ किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला करने या आपराधिक बल का प्रयोग करने और यौन उत्पीड़न के साथ-साथ POCSO अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बाद में, लड़की का बयान दर्ज करने के बाद, पुलिस ने POCSO अधिनियम के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न का आरोप भी जोड़ दिया।

तेलंगाना हाई कोर्ट ने नहीं दी थी राहत

शुक्रवार रात को तेलंगाना हाई कोर्ट ने भागीरथ को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था। उनके वकील एस निरंजन रेड्डी ने तर्क दिया था कि पुलिस को उन्हें गिरफ्तार न करने का निर्देश दिया जाए और साथ ही यह भी कहा था कि अंतरिम अवधि के दौरान उन पर कड़ी शर्तें लगाई जा सकती हैं। हालांकि, दो घंटे से ज्यादा चली सुनवाई के आखिर में, जस्टिस टी माधवी देवी ने कहा, “मैंने पीड़िता का बयान पढ़ा है, हालांकि विस्तार से नहीं बल्कि सरसरी तौर पर और इस स्तर पर, मैं कोई अंतरिम आदेश देने के लिए इच्छुक नहीं हूं।”

केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार का करीमनगर के गांवों को ऑफर

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि तेलंगाना के करीमनगर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांवों को, अगर वे ग्रामीण स्थानीय निकाय चुनावों में बीजेपी उम्मीदवारों को चुनते हैं तो उनके एमपीएलएडी फंड से हर एक को 10 लाख रुपये आवंटित किए जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर…