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लॉकडाउन के बीच मजदूरों से केंद्र ने वसूले रेल टिकट के पैसे, निशाना साध बोलीं सोनिया गांधी- Congress चुकाएगी ट्रेन का भाड़ा

Coronavirus in India: सोनिया गांधी ने कहा, 'कांग्रेस की ओर से ये हमारे हमवतन लोगों के लिए एक विनम्र किस्म का सहयोग होगा, ताकि इस घड़ी में हम उनके साथ एकजुटता में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो सकें।'

sonia gandhiकांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी।

Coronavirus in India: COVID-19 संकट और Lockdown के बीच प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के दौरान रेल टिकट के पैसे लिए जाने पर Congress अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सोमवार (4 मई, 2020) को उन्होंने ऐलान किया है कि ऐसे कामगारों और श्रमिकों के रेल भाड़े की रकम अब कांग्रेस चुकाएगी। अपने खत में उन्होंने कहा- INC (इंडियन नेशनल कांग्रेस) ने यह फैसला लिया है कि हर प्रदेश में कांग्रेस कमेटी हर जरूरतमंद कामगार और प्रवासी मजदूर के रेल सफर का खर्च उठाएगी। हम इस संबंध में हर जरूरी कदम उठाएंगे। बकौल सोनिया, ‘कांग्रेस की ओर से ये हमारे हमवतन लोगों के लिए एक विनम्र किस्म का सहयोग होगा, ताकि इस घड़ी में हम उनके साथ एकजुटता में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो सकें।’

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उन्होंने यह सवाल भी किया कि जब रेल मंत्रालय ‘पीएम केयर्स’ कोष में 151 करोड़ रुपए का योगदान दे सकता है तो श्रमिकों को बिना किराए के यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकता। सोनिया ने कहा कि श्रमिक व कामगार देश की रीढ़ की हड्डी हैं। उनकी मेहनत और कुर्बानी राष्ट्र निर्माण की नींव है। सिर्फ चार घंटे के नोटिस पर लॉकडाउन करने के कारण लाखों श्रमिक व कामगार घर वापस लौटने से वंचित हो गए। उनके मुताबिक 1947 के बंटवारे के बाद देश ने पहली बार यह दिल दहलाने वाला मंजर देखा कि हजारों श्रमिक व कामगार सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल घर वापसी के लिए मजबूर हो गए। न राशन, न पैसा, न दवाई, न साधन, पर केवल अपने परिवार के पास वापस गांव पहुंचने की लगन।

सोनिया ने कहा, ‘उनकी व्यथा सोचकर ही हर मन कांपा और फिर उनके दृढ़ निश्चय और संकल्प को हर भारतीय ने सराहा भी। पर देश और सरकार का कर्तव्य क्या है? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज भी लाखों श्रमिक व कामगार देश के अलग-अलग कोनों से घर वापस जाना चाहते हैं, पर न साधन है, और न पैसा। दुख की बात यह है कि भारत सरकार व रेल मंत्रालय इन मेहनतकशों से मुश्किल की इस घड़ी में रेल यात्रा का किराया वसूल रहे हैं।

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उन्होंने सवाल किया, ‘जब हम विदेशों में फंसे भारतीयों को अपना कर्तव्य समझकर हवाई जहाजों से निशुल्क वापस लेकर आ सकते हैं, जब हम गुजरात के एक कार्यक्रम में सरकारी खजाने से 100 करोड़ रुपए खर्च कर सकते हैं, जब रेल मंत्रालय प्रधानमंत्री के कोरोना कोष में 151 करोड़ रुपए दे सकता है तो फिर तरक्की के इन ध्वजवाहकों को निशुल्क रेल यात्रा की सुविधा क्यों नहीं दे सकते?

सोनिया ने कहा कि कांग्रेस ने कामगारों की इस निशुल्क रेलयात्रा की मांग को बार-बार उठाया है। दुर्भाग्य से न सरकार ने एक सुनी और न ही रेल मंत्रालय ने। इसलिए कांग्रेस ने यह निर्णय लिया है कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक व कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी व इस बारे जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने कहा कि मेहनतकशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के मानव सेवा के इस संकल्प में कांग्रेस का यह योगदान होगा। (एजेंसी इनपुट)

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