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हर भारतीय को रामायण पढ़नी चाहिए- ऑनलाइन क्विज जीतने पर बोला मुस्लिम छात्र, याद है पूरी चौपाई

रामायण क्विज विजेता मुस्लिम छात्र जाबिर ने कहा कि सभी भारतीयों को रामायण और महाभारत महाकाव्यों को पढ़ना और सीखना चाहिए, क्योंकि वे देश की संस्कृति, परंपरा और इतिहास का हिस्सा हैं।

हर भारतीय को रामायण पढ़नी चाहिए- ऑनलाइन क्विज जीतने पर बोला मुस्लिम छात्र, याद है पूरी चौपाई
रामायण में क्विज जीतने वाले केरल के दो मुस्लिम छात्र। (फोटो सोर्स: @FeedmileApp)

केरल के मलप्पुरम के दो मुस्लिम छात्रों मोहम्मद जाबिर पीके और मोहम्मद बसीथ एम ने ऑनलाइन रामायण प्रश्नोत्तरी में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। प्रतियोगिता का आयोजन दिग्गज प्रकाशक कंपनी डीसी बुक्स ने किया था। जाबिर ने कहा कि सभी भारतीयों को रामायण और महाभारत महाकाव्यों को पढ़ना और सीखना चाहिए, क्योंकि वे देश की संस्कृति, परंपरा और इतिहास का हिस्सा हैं। मेरा मानना है कि इन ग्रंथों को सीखना और समझना हमारी जिम्मेदारी है।” उन्होंने कहा कि भगवान राम धार्मिकता, सहनशीलता और शांति के अवतार हैं, ऐसे महान गुण हर इंसान का हिस्सा होना चाहिए।

जाबिर ने कहा कि राम को अपने प्रिय पिता दशरथ से किए गए वादे को पूरा करने के लिए अपने राज्य का भी त्याग करना पड़ा। सत्ता के लिए अंतहीन संघर्षों के दौर में रहते हुए, हमें राम जैसे पात्रों और रामायण जैसे महाकाव्यों के संदेश से प्रेरणा लेनी चाहिए’।

बसीथ ने कहा, ‘व्यापक पठन अन्य धर्मों और इन समुदायों के लोगों को अधिक समझने में मदद करेगा। कोई धर्म नफरत को बढ़ावा नहीं देता. बल्कि केवल शांति और सद्भाव का प्रचार करता है, उन्होंने कहा कि प्रश्नोत्तरी जीतने से उन्हें महाकाव्य को और गहराई से सीखने की प्रेरणा मिलती है’।

अगर आप मुस्लिम युवक मोहम्मद बसीथ से रामायण की उनकी पसंदीदा चौपाई के बारे में पूछें, तो वह तुरंत ‘अयोध्यकांड’ की चौपाई को दोहरा देंगे, जिसमें लक्ष्मण के क्रोध और भगवान राम की ओर से अपने भाई को दी जा रही सांत्वना का जिक्र है। इसमें भगवान राम साम्राज्य और शक्ति की निरर्थकता को विस्तार से बता रहे हैं।

वेफी कार्यक्रम के माध्यम से केरल के दोनों मुस्लिम छात्रों को रामायण के बारे में गहराई से ज्ञान हासिल करने में मदद मिली है। जो उत्तरी केरल जिले के वालेंचेरी में केकेएसएम इस्लामिक एंड आर्ट्स कॉलेज में आठ साल का कोर्स है। बासित और जाबिर वर्तमान में वेफी कार्यक्रम के पांचवें और अंतिम वर्ष के छात्र हैं।

छात्रों ने कहा कि हालांकि वे बचपन से महाकाव्य के बारे में जानते थे, उन्होंने वेफी पाठ्यक्रम में शामिल होने के बाद रामायण और हिंदू धर्म के बारे में गहराई से पढ़ना और सीखना शुरू कर दिया, जिसके पाठ्यक्रम में सभी प्रमुख धर्मों की शिक्षाएं हैं।

एसएसएलसी परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद छात्रों के लिए धार्मिक और लौकिक शिक्षा के संयोजन के तहत इस्लामिक कॉलेजों (सीआईसी) के समन्वय के तहत 97 परिसरों में वाफी पाठ्यक्रम की पेशकश की जाती है।

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