प्रधानमंत्री ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विभिन्न इलाकों में बाढ़ के हालातों का जायजा लेने के लिए शहर मेयर और जिले के डीएम से बात की।

सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को राहत कार्यों के बारे में जानकारी दी गई। पीएम ने मेयर आशुतोष कुमार तिवारी और जिले के डीएम सत्येंद्र कुमार से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।

वाराणसी में कैसे हैं हालात?

न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी के निशान को पार कर गया है। इस वजह से जिला प्रशासन ने नाव संचालन निलंबित कर दिया है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि कि श्रद्धालुओं और निवासियों से घाटों पर या तेज धाराओं वाले क्षेत्रों में न जाने का आग्रह किया गया है।

अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी कि वाराणसी जिले के लगभग 11 इलाके और वार्ड बाढ़ से आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं। पर्याप्त राहत और बचाव उपाय सुनिश्चित करने के अलावा प्रभावित परिवारों को आवश्यकतानुसार सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की व्यवस्था की जा रही है।

जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का भी निर्देश दिया। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने पुलिस और एनडीआरएफ की टीमों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लेने का निर्देश दिया। 

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एक बयान में कहा कि फिलहाल अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी समेत 23 जिलों में हालात खराब हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।