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PNB फ्रॉड: भगोड़े नीरव मोदी के खिलाफ ED की बड़ी कार्रवाई, मुंबई और सूरत में 148 करोड़ की संपत्ति जब्‍त

प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नेशनल बैंक के साथ फ्रॉड करने के आरोपी और भगोड़े व्यवसायी नीरव की 148 करोड़ रुपये कीमत की संपत्ति जब्त की है। यह संपत्तियां मुंबई और सूरत की हैं।

Author February 27, 2019 7:30 AM
पंजाब नेशनल फ्रॉड मामले में भगोडा व्यवसायी नीरव मोदी। (फाइल फोटो)

प्रवर्तन निदेशालय ने मंगलवार को जानकारी दी कि उसने देश छोड़कर भाग चुके हीरा कारोबारी नीरव मोदी से जुड़ी 147.72 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। अधिकारियों ने बताया कि इन में गुजरात के सूरत और महाराष्ट्र के मुंबई की चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं इनका कुल बाजार मूल्य 147,72,86,651 रुपये है। जब्त की गई संपत्तियों में आठ कारें, संयंत्र और मशीनरी, आभूषणों की खेप, पेंटिंग और कुछ इमारतें शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि पंजाब नेशनल बैंक के साथ की गई 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में नीरव मोदी वांछित हैं। उनकी समूह कंपनियां भी मामले में आरोपी हैं। एक अधिकारी के मुताबिक उनकी कंपनियों में फायरस्टार डायमंड इंटरनेशनल प्रा. लिमिटेड, फायरस्टार इंटरनेशनल प्रा लिमिटेड, राधेशिर ज्वैलरी कंपनी प्रा लि और रिथिम हाउस प्रा. लि. शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लांड्रिक निरोधी कानून 2002 के तहत संपत्तियों की कुर्की की है।

इससे पहले बीते 15 फरवरी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मुंबई की एक अदालत से कहा कि भगोड़े आभूषण कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी द्वारा कथित घोटाला मामले में पंजाब नेशनल बैंक आरोपी नहीं, बल्कि पीड़ित है। केंद्रीय जांच एजेंसी का यह जवाब चोकसी के गीतांजलि समूह के पूर्व सहायक वित्तीय प्रबंधक नितिन शाही की ओर से दायर एक याचिका के जवाब में आया है। शाही भी इस मामले में आरोपी है। जमानत पर बाहर आए शाही ने अपनी याचिका में कहा है कि इस मामले में पीएनबी को भी आरोपी बनाया जाना चाहिए।

शाही ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंक ने इस कथित धोखाधड़ी के लेनदेन में कमीशन हासिल किया और वह अब अपने के पीड़ित के रूप में पेश नहीं कर सकता और अज्ञानता का बहाना नहीं बना सकता है। याचिका में शाही ने कहा है कि गीतांजलि समूह के शीर्ष अधिकारी सहित पीएनबी के अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया लेकिन बैंक को नहीं बनाया गया। यह बेहद ‘अजीब और भेदभावपूर्ण’ है।

सीबीआई ने इस दावे को खारिज कर दिया। सीबीआई का कहना है कि बैंक को सिर्फ गीतांजलि समूह से जुड़े हस्तांतरण में 7,080 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ। सीबीआई ने कहा, ‘‘ गीतांजलि समूह को इन हस्तांतरण की वजह से लाभ हुआ बल्कि पीएनबी को घाटा हुआ है।”” शाही की याचिका पर न्यायाधीश अगले सप्ताह सुनवाई कर सकते हैं। इस घोटाला मामले में नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी मुख्य आरोपी है, यह घोटाला करीब 13,000 करोड़ रुपये का है। ये दोनों देश से फरार हैं।

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