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चमकी बुखार: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पांच साल पहले जो वादा किया, उसे अब फिर दोहराया!

ये वही वायदे हैं जिनको पूरे करने का सपना 2014 में भी हर्षवर्धन ने ही दिखाया था। तब भी वह नई मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किए गए थे। 2014 में भी मुजफ्फरपुर में ऐसे ही हालात थे।

Encephalitis, Health Minister, Harsh Vardha, mangal pandey, Harsh Vardha facebook, chamki fever, chamki bukhar, jdu, muzaffarpur, muzaffarpur Encephalitisकेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस

चमकी बुखार (इंसेफेलाइटिस) को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने पांच साल पहले जो वादा किया था उसे एक बार फिर 2019 में दोहराया। बिहार के मुज्जफरपुर में चमकी बुखार से अबतक 119 लोगों की मौत हो चुकी है। बीते हफ्ते बिहार सरकार में स्वस्थ्य मंत्री मंगल पांडेय और केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के साथ हर्षवर्धन ने बैठक की थी।

बैठक के स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि मुजफ्फरपुर में श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 100 बेड के आईसीयू का निर्माणा किया जाएगा। इसके अलावा चुनावी बुखार के परीक्षण के लिए 5 विषाणु विज्ञान प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी। ये प्रयोगशालाएं बिहार के अलग-अलग जिलों में स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा केंद्र आस-पास के जिलों में 10 बाल चिकित्सा बेड वाले आईसीयू स्थापित किए जाएंगे।

ये वही वायदे हैं जिनको पूरे करने का सपना 2014 में भी हर्षवर्धन ने ही दिखाया था। तब भी वह नई मोदी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री नियुक्त किए गए थे। 2014 में भी मुजफ्फरपुर में ऐसे ही हालात थे। उन्होंने फेसबुक पर एक लंबी चौड़ी पोस्ट लिखकर बड़े-बड़े वादे किए थे। उन्होंन लिखा था ‘एसकेम मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 100 बेड वाले आईसीयू का निर्माणा किया जाएगा। आस-पास के जिलों में 10-बेड के बाल चिकित्सा आईसीयू स्थापित किए जाएंगे। गया, भागलपुर, बेतिया, पावापुरी और नालंदा में 5 विषाणु विज्ञान प्रयोगशालाएं बनाई जाएंगी।’

कांग्रेस नेता रणदीपर सुरजेवाला ने इसपर कहा है कि ‘वही मंत्री हर्षवर्धन, वहीं वजह, वही वादे और काम कुछ भी नहीं। हर्षवर्धन और स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने इसपर कोई टिप्पणी नहीं की लेकिन श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल के प्रिंसिपल बिकास कुमार ने द टेलिग्राफ को बताया इंसेफेलाइटिस के प्रकोप के दौरान एक ही फ्लोर पर 100 बेड का बाल चिकित्सा आईसीयू के निर्माण से निश्चित तौर पर मदद मिलेगी। फिलहाल अस्पातल में 40 बाल चिकित्सा आईसीयू हैं जो कि अलग-अलग फ्लोर पर हैं जिनकी वजह से मरीजों को असुविधा होती है। अगर एक ही फ्लोर पर 100 बेड का आईसीयू स्थापित होगा तो डॉक्टरों और नर्सों के लिए मरीजों को देखना आसान हो जाएगा।

उन्होंने आगे कहा ‘मैं 2014 में प्रिसिंपल नहीं था इसलिए इसपर कुछ नहीं कह सकता कि सरकार ने अपना वादा पूरा क्यों नहीं किया। बता दें कि मुजफ्फरपुर में बीते कई सालों से चमकी बुखार की वजह से बच्चों की मौतों का सिलसिला जारी है। मंगलवार (18 जून 2019) को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंच हालातों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने भी कई वादे किए। हालांकि इस दौरान अस्पताल परिसर में लोगों ने उनका जमकर विरोध किया।

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