ताज़ा खबर
 

बांग्लादेश, पाकिस्तान में 40 फीसदी सैलरीड कामगार, हमारे यहां सिर्फ 22! बेरोजगारी से ज्यादा गंभीर है ये समस्या

ब्राजील में यह आंकड़ा 67.7 प्रतिशत है। चीन में, जिसने बीते कुछ दशकों में तेज आर्थिक विकास किया है, वहां यह आंकड़ा 53.1 प्रतिशत है।

Author नई दिल्ली | July 6, 2019 11:53 AM
भारत में असंगठित क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोग काम कर रहे हैं। (express photo)

देश में रोजगार की समस्या चिंताजनक हो गई है। जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि केन्द्र की मोदी सरकार ने बजट 2019 में कई ऐसे प्रावधान किए हैं, जिनसे देश में बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होने की संभावना है। हालांकि एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में ना सिर्फ रोजगार की समस्या है, वहीं उससे भी बड़ी समस्या देश की बड़ी आबादी का असंगठित क्षेत्र में काम करना है। स्थिति ये है कि इस मामले में हम अपने कम विकसित पड़ोसी देशों से भी काफी पीछे हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश की बड़ी आबादी कड़े श्रम कानून वाले असंगठित क्षेत्र में काम कर रही है। जिसका फायदा देश की अर्थव्यवस्था को नहीं मिल पा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में 93.8 प्रतिशत लोग संगठित क्षेत्रों में नौकरियां कर रहे हैं। वहीं ब्राजील में यह आंकड़ा 67.7 प्रतिशत है। चीन में, जिसने बीते कुछ दशकों में तेज आर्थिक विकास किया है, वहां यह आंकड़ा 53.1 प्रतिशत है। इसके बरक्स दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार भारत में संगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का प्रतिशत सिर्फ 21.7 प्रतिशत है। खास बात ये है कि इस मामले में हम भूटान से भी पीछे हैं। भूटान में 28.5% लोग संगठित क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं।

इस मामले में पाकिस्तान और बांग्लादेश की स्थिति भी हमसे बेहतर है। पाकिस्तान में यह आंकड़ा 39.4% और बांग्लादेश में 40.1% है। इंटरनेशनल लेबर आर्गेनाइजेशन (ILO) के अनुसार, संगठित क्षेत्र में वो नौकरियां आती हैं, जिनमें कर्मचारियों की गरिमा, समानता, उचित कमाई और सुरक्षित नौकरी जैसे अधिकार मिलते हैं। इसमें सैलरी पाने वाली नौकरियां शामिल की जाती हैं। संगठित क्षेत्र की नौकरियों में कर्मचारियों को कॉन्ट्रैक्ट मिलता है, जिसमें उनके वेतन, भत्तों और अन्य अधिकारों की जानकारी दी जाती है। रेहड़ी-पटरी वाले और ऐसे ही छोटे-मोटे रोजगार असंगठित क्षेत्र में गिने जाते हैं।

साल 2010 में भारत में सिर्फ 16.7 प्रतिशत लोग संगठित क्षेत्र में काम कर रहे थे। वहीं चीन में उस वक्त यह आंकड़ा 31% था। अब जो रिपोर्ट सामने आयी है, उसके मुताबिक साल 2018 में भारत में संगठित क्षेत्र में सिर्फ 21.7% लोग काम कर रहे हैं। वहीं चीन में इस दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 53% हो गया है। देश में रोजगार मुख्यतः इंडस्ट्री, सर्विस और कृषि क्षेत्र में है। साल 2018 में देश की जीडीपी में इंडस्ट्री सेक्टर की हिस्सेदारी 27 प्रतिशत रही, जबकि इंडस्ट्री सेक्टर में नौकरियों का प्रतिशत 24.7 रहा। इसी तरह सर्विस सेक्टर की जीडीपी में हिस्सेदारी 49% है, जबकि रोजगार का प्रतिशत 31.5 है। कृषि क्षेत्र की साल 2018 में जीडीपी की हिस्सेदारी 14.5% है, जबकि इस क्षेत्र से 43.9% लोगों को रोजगार मिल रहा है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories