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मैंने तुम पर भरोसा किया, तुमने किया विश्‍वासघात- गर्भवती हथिनी की जान लेने वालों को लानत दे रहे लोग

हथिनी की दर्दनाक मौत की जांच जारी है, द इंडियन एक्सप्रेस ने पता लगाया कि अधिकारियों ने पहली बार 23 मई को जंगल की सीमा पर घायल जानवर को देखा था।

गर्भवती हथिनी की विस्‍फोटकों से भरा अनानास खाने से हुई मौत। (file)

केरल में एक गर्भवती हथिनी की विस्‍फोटकों से भरा अनानास खाने से मौत हो गई। हथिनी की इस दर्दनाक मौत को लेकर देश के लोग सोशल मीडिया में गुस्सा और अफसोस जाहिर कर रहे हैं। इस घटना पर बॉलीवुड सेलिब्रिटीज से लेकर खिलाड़ियों तक सब ने रोष व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर जान लेने वालों को लानत देते हुए यूजर्स हथिनी की तस्वीर शेयर कर लिखा रहे हैं कि “मैंने तुम पर भरोसा किया, तुमने किया विश्‍वासघात।”

प्रसिद्ध रेत-कलाकार सुदर्शन पटनायक ने लिखा “इंसानियत शेम शेम शेम, आज फिर इंसानियत शर्मसार हुई है। मानवता फिर से विफल हो गई है।” टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा ने लिखा कि कुछ लोगों ने गर्भवती हथिनी को अनानास में पटाखे भर कर खिला दिया जिससे उसकी मौत हो गई। इस पर मैं काफी हैरान और स्तब्ध हूं। उन्होंने कहा, बेगुनाह जानवरों के साथ ऐसे आपराधिक काम इंसानों की हत्या से अलग नहीं हैं। इंसाफ जरूर होना चाहिए।

एक यूजर ने लिखा “शर्मनाक, केरल के मलप्पुरम में कुछ लोगों ने एक गर्भवती हथनी को पटाखो भरा अनानास खिला दिया,वो अननास हथनी के मुँह में फट गया और घायल होने के बाद भी उसने किसी पर हमला नहीं किया और एक नदी में जाकर खड़ी हो गई और बाद में वो मर गई। क्या इंसानियत मर चुकी है ? क्या इंसान के भेष में शैतान।”

बता दें केरल में हथिनी की दर्दनाक मौत की जांच जारी है, द इंडियन एक्सप्रेस ने पता लगाया कि अधिकारियों ने पहली बार 23 मई को जंगल की सीमा पर घायल जानवर को देखा था। सूत्रों ने कहा कि वन्यजीव अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है। सूत्रों ने बताया कि हथिनी कहा घायल हुई, विस्फोट के लिए कौन जिम्मेदार था, इन बातों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

आरोप लगाया गया है कि विस्फोटकों से भरा अनानास खिलाए जाने के बाद हथिनी घायल हो गई थी। सूत्रों ने कहा 23 मई को वन अधिकारियों को पश्चिमी घाटों में मन्नारकाड प्रभाग में पोट्टियारा जंगल की सीमा पर अंबलप्पारा के पास एक हथिनी की उपस्थिति के बारे में सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर, अधिकारियों ने हथिनी को घायल पाया। लेकिन तब तक हथिनी जंगल में चली गई थी।

दो दिन बाद 25 मई को हथिनी को सत्यमकुंड क्षेत्र में नदी में कई घंटे तक खड़े देखा गया। वह घाव को ठंडा करने के लिए वह खड़ी थी। एक पशुचिकित्सा सर्जन ने उसकी जांच की, अधिकारियों ने बताया कि उसका इलाज़ नहीं किया जा सकता था क्योंकि चोट बहुत गंभीर थी।

एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक कोल्‍लम जिले के जंगलों में अप्रैल माह में इसी तरह की घटना में एक हाथी को जान गंवानी पड़ी थी। रिपोर्ट के मुताबिक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया था कि पोस्टमार्टम से पता चलता है कि इस हथिनी को जबड़े में फ्रैक्चर हुआ था, यह फ्रैक्‍चर उसके द्वारा खाई गई चीज का परिणाम हो सकता है। हालांकि मौत के कारण के बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता।

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