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चार शहरों में इलेक्टरॉल बॉन्ड्स से आए 5,085 करोड़, 91% से ज्यादा डोनेशन एक करोड़ वैल्यू से ऊपर के

electoral bonds: एक आरटीआई से पता चला है कि बारह चरणों में जुटाये गए 83 प्रतिशत इलेक्टरॉल बॉन्ड्स सिर्फ चार शहरों से आए हैं। पहले ग्यारह चरणों में जुटाये गए इलेक्टरॉल बॉन्ड्स की कीमत 5,896 करोड़ रूपाय है।

नई दिल्ली | Updated: November 22, 2019 8:47 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप में किया गया है। (फोटो सोर्स: द इंडियन एक्सप्रेस)

electoral bonds: कांग्रेस ने गुरुवार को बीपीसीएल के विनिवेश के सरकार के फैसले के खिलाफ और इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे को लेकर लोकसभा में हंगामा किया। इलेक्टोरल बॉन्ड को ‘बड़ा घोटाला’ करार देते हुए कांग्रेस के साथ कुछ विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा की कार्यवाही के दौरान जमकर हंगामा किया। एक आरटीआई से पता चला है कि बारह चरणों में जुटाये गए 83 प्रतिशत इलेक्टरॉल बॉन्ड्स सिर्फ चार शहरों से आए हैं। पहले ग्यारह चरणों में जुटाये गए इलेक्टरॉल बॉन्ड्स की कीमत 5,896 करोड़ रूपाय है। इन बॉन्ड्स के 91 प्रतिशत से अधिक की कीमत एक करोड़ रुपये है। ये बॉन्ड भारतीय स्टेट बैंक की चुनिंदा शाखाओं द्वारा बेचे गए थे।

सूचना के अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत पारदर्शिता कार्यकर्ता कमोडोर लोकेश बत्रा (सेवानिवृत्त) द्वारा प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, 1 मार्च 2018 से 24 जुलाई 2019 के बीच 11 चरणों में बेचे गए बॉन्ड का 99.7 प्रतिशत 1 करोड़ रुपये (सबसे अधिक उपलब्ध) और 10 लाख रुपये के टिकट से आया है। 15.06 करोड़ रुपये 1 हजार, 10 हजार, 1 लाख के मूल्य वाले बॉन्ड्स के टिकट से आया है। बांड की संख्या के संदर्भ में बेचे गए 11,782 बांड में से 5,409 बॉन्ड 1 करोड़ मूल्यवर्ग के और 4,723 बॉन्ड 10 लाख मूल्यवर्ग के थे।

आंकड़ों से एक बात तो साफ है कि ज़्यादातर पैसा समाज के सबसे धनी वर्ग से आया था। आरटीआई के मुताबिक बारह चरणों में जुटाये गए 83 प्रतिशत इलेक्टरॉल बॉन्ड्स चार शहरों से आए थे।

बारह चरणों में कुल इलेक्टरॉल बॉन्ड्स से 6,128.72 करोड़ रुपये जुटाये गए। जिसमें से मुंबई, कोलकाता, नई दिल्ली और हैदराबाद की एसबीआई सखाओं से 5,085 करोड़ रुपये के बांड आए। इसमें से 6,108.47 करोड़ रुपये निकले गए और शेष 20.25 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष में जमा किए गए। इलेक्टरॉल बॉन्ड्स का लगभग 80 प्रतिशत पैसा नई दिल्ली से निकाला गया हैं।

क्या है इलेक्टरॉल बॉन्ड्स- चुनावों में राजनीतिक दलों के चंदा जुटाने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चुनावी बॉन्ड घोषणा की थी। चुनावी बॉन्ड एक ऐसा बॉन्ड है जिसमें एक करेंसी नोट लिखा रहता है, जिसमें उसकी वैल्यू होती है। ये बॉन्ड पैसा दान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस बॉन्ड के जरिए आम आदमी राजनीतिक पार्टी, व्यक्ति या किसी संस्था को पैसे दान कर सकता है। इसकी न्यूनतम कीमत एक हजार रुपए जबकि अधिकतम एक करोड़ रुपए होती है। चुनावी बॉन्ड 1 हजार, 10 हजार, 1 लाख, 10 लाख और 1 करोड़ रुपये के मूल्य में उपलब्ध हैं।

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