ताज़ा खबर
 

चुनाव आयोग ने सरकार से कहा- अज्ञात स्रोतों से पार्टी को मिलने वाले 2000 रु से ऊपर के चंदे पर बैन लगाओ

चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चंदे की लिमिट को कम करने को कहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। (AP Photo/Rajesh Kumar Singh, File)

चुनाव आयोग ने केंद्र सरकार से राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले चंदे की लिमिट को कम करने को कहा है। चुनाव आयोग ने सरकार से सिफारिश की है कि किसी भी राजनीतिक पार्टी को अज्ञात स्त्रोतों द्वारा मिलने वाले दो हजार रुपए से ऊपर के चंदे को लेने पर पाबंदी लगा दी जाए। चुनाव आयोग ने बदलाव करने के लिए सरकार को लिख दिया है। फिलहाल Section आयकर कानून की धारा 13ए 1951 के तहत राजनीतिक दलों की उनकी आय को लेकर टैक्‍स से छूट है। साथ ही कानून के मुताबिक पार्टी अज्ञात स्त्रोतों से बीस हजार रुपए तक चंदा ले सकती हैं। उससे ऊपर के चंदे पर उसे स्त्रोत के बारे में बताना पड़ेगा। इस मुद्दे पर काफी राजनीति भी होती आई है। कई बार आरोप लगे हैं कि बीस हजार रुपए से नीचे के चंदे लेकर पार्टी काला धन सफेद करती है।

इससे पहले 16 दिसंबर को वित्त सचिव अशोक लवासा ने बताया था कि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बैंक में जमा कराने पर राजनीतिक दलों पर कोई टैक्‍स नहीं लगेगा। उस बात का काफी विरोध हुआ था। हालांकि, बाद में सरकार को सफाई देनी पड़ी कि राजनीतिक दलों के खातों में जमा रकम पर कार्रवाई करने के लिए आयकर कानून में पर्याप्‍त नियम बने हुए हैं, हालांकि उनकी कमाई पर टैक्‍स नहीं लगता है।

केंद्रीय प्रत्‍यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ओर से कहा गया कि रजिस्‍टर्ड राजनीतिक दलों को मिलने वाला चंदा आयकर से अलग है। लेकिन खातों की ऑडिट तो जरूरी है और 20 हजार रुपये से ऊपर के चंदे पर टैक्‍स तय है।

इस वक्त की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

देखिए संबंधित वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App