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दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर IAS अधिकारी निलंबित

चुनाव आयोग ने संबलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी लेकर निर्देशों का पालन नहीं करने वाले आइएएस अधिकारी को निलंबित कर दिया है। वह ओड़ीशा के संबलपुर में बतौर चुनाव पर्यवेक्षक तैनात थे।

’प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की तलाशी ली थी, जबकि चुनाव आयोग के मुताबिक एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को ऐसी जांच से छूट प्राप्त होती है। ’इससे पहले मोहसिन, ओड़ीशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हेलिकॉप्टरों की भी तलाशी भी ले चुके हैं। (File Photo)

चुनाव आयोग ने संबलपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉप्टर की तलाशी लेकर निर्देशों का पालन नहीं करने वाले आइएएस अधिकारी को निलंबित कर दिया है। वह ओड़ीशा के संबलपुर में बतौर चुनाव पर्यवेक्षक तैनात थे। चुनाव आयोग के जारी निर्देश के मुताबिक, प्रधानमंत्री का काफिला एसपीजी की सुरक्षा में होता है। एसपीजी सुरक्षा वाले काफिले में तलाशी का अधिकार किसी को भी नहीं होता। आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक, संबलपुर में प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की जांच करना निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत नहीं था। एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को ऐसी जांच से छूट प्राप्त होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 16 अप्रैल को एक चुनावी सभा को संबोधित करने के लिए संबलपुर गए थे। उन्हें एसपीजी सुरक्षा प्राप्त है।

आयोग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, कर्नाटक कैडर के 1996 बैच के आइएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन ने 16 अप्रैल को एसपीजी सुरक्षा से जुड़े, निर्वाचन आयोग के निर्देश का पालन नहीं किया। मोहसिन के द्वारा की गई तलाशी जांच की वजह से प्रधानमंत्री को वहां 15 मिनट इंतजार करना पड़ा था। इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय ने चुनाव आयोग से की थी। इसपर कार्रवाई करते हुए आयोग ने उन्हें दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने की वजह से निलंबित कर दिया। इससे पहले मोहसिन, ओड़ीशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हेलिकॉप्टरों की भी तलाशी भी ले चुके हैं।

जिला कलेक्टर और पुलिस महानिदेशक की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयोग ने संबलपुर के पर्यवेक्षक को निलंबित कर दिया गया। आयोग का कहना है कि मोहसिन की कार्रवाइयों के कारण प्रधानमंत्री को करीब 15 मिनट तक वहां रुकना पड़ा था। संबलपुर में प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की जांच करना निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत नहीं था। एसपीजी सुरक्षा प्राप्त लोगों को ऐसी जांच से छूट प्राप्त होती है।

 

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