चुनाव आयोग की मद्रास हाईकोर्ट से अपील, मीडिया को मौखिक टिप्पणी प्रकाशित करने से रोकें

हाइकोर्ट में लगाई याचिका में आयोग ने कहा है इस बात का कहीं कोई प्रमाण नहीं है कि कोविड संक्रमण के विस्तार के लिए चुनाव प्रचार जिम्मेदार है।

election commission, corona virus, india
चुनाव आयोग ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि उन्हें मीडिया के द्वारा कोरोना संक्रमण का दोषी ठहराए जाने को लेकर गहरा आघात पहुंचा है। (एक्सप्रेस फोटो : प्रेम नाथ पांडेय)

चुनाव आयोग ने मद्रास हाइकोर्ट से गुजारिश की है कि वह मीडिया को अपनी मौखिक टिप्पणियां प्रकाशित करने से रोके जो किसी केस की सुनवाई के दौरान जजों द्वारा की जाती हैं।

उल्लेखनीय है कि मद्रास हाइकोर्ट ने कुछ दिन पहले कोविड की स्थिति पर सुनवाई करते हुए महामारी के प्रसार के लिए चुनाव आयोग को इकलौती तौर पर दोषी बताया था और यहां तक टिप्पणी कर डाली थी कि इसके अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।

हाइकोर्ट में लगाई याचिका में आयोग ने कहा है इस बात का कहीं कोई प्रमाण नहीं है कि कोविड संक्रमण के विस्तार के लिए चुनाव प्रचार जिम्मेदार है। पिटीशन में कहा गया है कि आयोग को मीडिया में आई उन खबरों को देख कर आघात लगा है जिनमें चुनाव आयोग को कोविड संक्रमण का पूरी तरह दोषी कहा गया है और उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा चलना चाहिए।

इन रिपोर्ट्स के कारण संवैधानिक संस्था चुनाव आयोग की छवि को बहुत आघात लगा है। पिटीशन में आयोग की अहमियत रेखांकित करते हुए कहा गया है कि यही संस्था देश में चुनाव कराती है। अदालत को यह भी बताया गया है कि उसकी टिप्पणियों के बाद एक चुनाव उपायुक्त पर हत्या का मुकदमा भी कायम हो गया है।

यह पिटीशन तमिलनाडु के मुख्य चुनाव अधिकारी सत्यब्रत साहू ने दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि मीडिया में प्रकाशित ये तमाम बातें जजों की मौखिक टिप्पणियां भर हैं।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट