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Election 2019: सिख विरोधी दंगों पर शाह का कांग्रेस पर निशाना, कहा- ‘प्रभावित’ की गई थी न्यायिक प्रक्रिया

Lok Sabha General Election 2019 India News Updates: भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया ‘प्रभावित’ की गई जिसकी वजह से 1984 के सिख विरोधी दंगों में इतने लंबे समय तक किसी को दोषी करार नहीं दिया जा सका।

Author नई दिल्ली | Dec 19, 2018 17:28 pm
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह। (फाइल फोटो)

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि न्यायिक प्रक्रिया ‘प्रभावित’ की गई जिसकी वजह से 1984 के सिख विरोधी दंगों में इतने लंबे समय तक किसी को दोषी करार नहीं दिया जा सका। दिल्ली उच्च न्यायालय ने सिख विरोधी दंगों के एक मामले में सोमवार को कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई। सिख विरोधी दंगों के मामले में किसी आरोपी को दोषी करार दिए जाने का यह पहला मामला है। इन दंगों में 2,700 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

शाह ने यहां रिपब्लिक समिट में कहा, ‘‘न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित की गई जिसकी वजह से 1984 के सिख विरोधी दंगों में किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सका था। इसके कारण घटना के 34 साल बाद भी लोगों में गुस्सा था।’’ उन्होंने कहा कि राजग सरकार ने 2014 में सत्ता में आने के बाद एक अन्य एसआईटी गठित की थी और इसी के निष्कर्षों के अनुसार आरोपियों को दोषी करार दिया जा रहा है। शाह ने कहा, ‘‘यह (सज्जन कुमार) चौथा फैसला है।’’ उन्होंने कहा कि मिश्रा आयोग और नानावटी आयोग गठित होने के बाद भी पुलिस ने किसी मामले में ठीक से जांच नहीं की।

दंगों के दौरान कांग्रेस नेता कमलनाथ (मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री) को सिखों के खिलाफ निकाले गए मार्च की अगुवाई करते देखने के एक पत्रकार के दावे पर शाह ने कहा, ‘‘इसे कई लोगों ने देखा है। एसआईटी 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े सभी मामले की जांच कर रही है।’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमने जो एसआईटी बनाई है वह 1984 के सिख विरोधी दंगों के मामलों को उसके तार्किक अंजाम तक पहुंचाएगी। और हमने एसआईटी को अधिकार संपन्न बनाने के सारे प्रावधान किए हैं।

यह पूछे जाने पर कि राम मंदिर मुद्दे पर चल रही कानूनी लड़ाई कब तक खत्म होने के आसार हैं, इस पर भाजपा अध्यक्ष ने कहा, ‘‘यदि उच्चतम न्यायालय बाबरी विध्वंस केस की रोजाना सुनवाई करता है तो फैसला आने में 10 दिन से ज्यादा का वक्त नहीं लगेगा।’’ शाह ने कहा, ‘‘अयोध्या दरअसल जमीन के मालिकाना हक का मुद्दा है। भाजपा साफ तौर पर कहती है कि हम उसी जमीन पर एक मंदिर बनाना चाहते हैं। यह मामला उच्चतम न्यायालय में 2014 से पहले से लंबित है। हमने अदालत से अनुरोध किया है कि केस का निपटारा करे, जल्द से जल्द अपनी सुनवाई पूरी करे।

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17:14 (IST) 19 Dec 2018
बीजेपी ने की कमलनाथ से माफी की मांग

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संजय जयसवाल ने बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ से उनके बयान के लिए माफी मांगने को कहा। कमलनाथ ने अपने बयान में कहा था कि बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों के आने से राज्य के युवा रोजगार से वंचित रह जाते हैं। सांसद जयसवाल ने कहा कि कमलनाथ को माफी मांगने के लिए संसद में बुलाया जाना चाहिए। जयसवाल ने कहा, "कमलनाथ ने देश को क्षेत्र के आधार पर बांटने की कोशिश की है। सदन को इसकी निंदा करनी चाहिए। उन्हें संसद में बुलाया जाना चाहिए और माफी मांगने के लिए कहना चाहिए।"

कमलनाथ अपनी सरकार के फैसले से विवादों में घिर गए हैं। कमलनाथ सरकार ने फैसला किया है कि जो उद्योग स्थानीय युवाओं को 70 फीसदी रोजगार देंगे, वहीं राज्य से प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पहले संवाददाता सम्मेलन में कमलनाथ ने कहा, "अन्य राज्यों के लोग नौकरियां पा लेते हैं, बिहार और उत्तर प्रदेश से, हालांकि मैं उनकी आलोचना नहीं करता। लेकिन स्थानीय नौजवान रोजगार से वंचित रह जाते हैं।"

16:42 (IST) 19 Dec 2018
शिवराज ने कहा, मप्र हिंदुस्तान का दिल है यहां आने वाला यहीं बस जाता

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा नौकरियों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने के लेकर दिए विवादित बयान पर राज्य के किसी विरोधी दल के नेता ने तीन दिन बाद पहली टिप्पणी की है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा है कि मप्र हिंदुस्तान का दिल है यहां आने वाला यहीं बस जाता है।पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने बुधवार केा ट्वीट कर कहा है, "मध्यप्रदेश में ना कोई इधर का है.. ना कोई उधर का। मध्यप्रदेश में जो भी आता है यहां का हो कर ही बस जाता है। प्रदेश को हिंदुस्तान का दिल ऐसे ही नहीं कहते! क्यों ठीक कहा ना?"

कमलनाथ ने सोमवार देर शाम को किसानों की कर्ज माफी के आदेश जारी किए जाने की पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा था कि राज्य में युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार सुलभ करवाने के उद्देश्य से उद्योग संवर्धन नीति 2018 और एम़ एस़ एमई़ विकास नीति-2017 में संशोधन का निर्णय लिया है। संशोधन के अनुरूप अब राज्य शासन से वित्तीय एवं अन्य सुविधाएं लेने वाली औद्योगिक इकाइयों को 70 प्रतिशत रोजगार मध्य प्रदेश के स्थायी निवासियों को देना अनिवार्य होगा।

16:14 (IST) 19 Dec 2018
राम माधव ने की राम मंदिर पर सरकार से अध्यादेश लाने की मांग

भाजपा संसदीय दल की बैठक में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर उठी मांग के बीच भाजपा महासचिव राम माधव ने बुधवार को यहां कहा कि राम मंदिर पर सरकार को अध्यादेश लाना चाहिए। माधव ने न्यूज18 इंडिया के कार्यक्रम चौपाल में कहा कि राम मंदिर का मुद्दा उनके किए चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्मिता का मुद्दा है। लेकिन सवाल यह उठता है कि राम मंदिर का मुद्दा चुनावों के समय ही क्यों उठता है? इस पर उन्होंने कहा, "चुनाव आते ही राम मंदिर का मुद्दा इसलिए उठता है, क्योंकि उसी समय राजनीतिक पार्टियों पर दबाव बनाना आसान होता है।"

15:46 (IST) 19 Dec 2018
चिराग के ट्वीट के बाद राजद की बांछें खिली, भाजपा ने किया बचाव

बिहार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) संसदीय बोर्ड के नेता और जमुई के सांसद चिराग पासवान के एक ट्वीट के बाद जहां राष्ट्रीय जनता दल (राजद) लोजपा के राजग छोड़ देने की भविष्यवाणी कर रही है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी बचाव में उतर आई है। बिहार के जमुई से सांसद चिराग पासवान ने मंगलवार रात ट्वीट कर राजग को नाजुक दौर से गुजरने की बात स्वीकार करते हुए लिखा, "तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) व राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के राजग गठबंधन से अलग जाने के बाद यह नाजुक मोड़ से गुजर रहा है। ऐसे समय में भाजपा गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीके से दूर करे।"

15:16 (IST) 19 Dec 2018
अमित शाह ने कहा, 2019 के चुनावों के लिए भाजपा नेतृत्व में बदलाव नहीं

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को नेतृत्व में बदलाव की बात को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया और कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ही 2019 का चुनाव लड़ेगी। 'रिपब्लिक टीवी' के समिट 'सर्जिग इंडिया' में उन्होंने कहा, "नेतृत्व में बदलाव का प्रश्न ही नहीं उठता। मोदीजी के नेतृत्व में ही राजग 2019 का चुनाव लड़ेगी।"

उन्होंने रिपब्लिक टीवी के प्रमुख अर्नब गोस्वामी के यह सवाल पूछने पर सवालिया लहजे में पलटवार करते हुए कहा, "2014 में छह राज्यों में भाजपा की सरकार थी और अब 16 राज्यों में है। तो आप बताएं कि कौन जीतेगा?"भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राज्य और केंद्र में चुनाव अलग-अलग मुद्दें पर लड़े जाते हैं और 2019 के आम चुनाव भारत पर लड़े जाएंगे।

14:23 (IST) 19 Dec 2018
निष्कासित पीडीपी नेता बशारत बुखारी एनसी में शामिल

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) से निकाले जाने के एक दिन बाद पूर्व मंत्री बशारत बुखारी बुधवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) में शामिल हो गए।पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बुखारी को पीडीपी से निकाल दिया गया था। वह यहां जम्मू एवं कश्मीर के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला की मौजूदगी में नेशनल कॉन्फ्रेंस में शामिल हो गए।  पीडीपी से निष्कासित एक और नेता पीर मोहम्मद हुसैन के भी दिन में यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुख्यालय में पार्टी में शामिल होने की संभावना है।

13:26 (IST) 19 Dec 2018
गठबंधन की सीटों पर BJP से बन न पाई बात, पासवान बोले- नुकसान भी हो सकता है

लोजपा ने मंगलवार को कहा कि तेलुगूदेशम पार्टी व रालोसपा के राजग से अलग हो जाने के बाद यह गठबंधन नाजुक मोड़ से गुजर रहा है, ऐसे समय में भाजपा गठबंधन में फिलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीका से दूर करें। पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाह की अध्यक्षता वाली रालोसपा के पिछले दिनों राजग से बाहर निकलने के बाद बिहार में भाजपा नेतृत्व वाले इस गठबंधन में अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू और लोजपा बची हैं। लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष और जमुई से सांसद चिराग पासवान ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा टीडीपी व रालोसपा के राजग गठबंधन से जाने के बाद यह नाजुक मोड़ से गुज रहा है।

12:55 (IST) 19 Dec 2018
हंगामे के बीच राज्यसभा दिनभर के लिए स्थगित

राज्यसभा की कार्यवाही भोजनावकाश के बाद जैसे ही शुरू हुई, विपक्ष और सत्तापक्ष के हंगामे के चलते कुछ मिनटों के अंदर इसे दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की बैठक जैसे ही शुरू हुई, आनंद शर्मा ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में सुबह संसदीय राज्य मंत्री विजय गोयल द्वारा दिए गए बयान को संदर्भित किया। शर्मा ने कहा कि कथित रूप से सरकार के खिलाफ झूठे आरोप लगाने के संबंध में गोयल द्वारा राहुल से माफी की मांग करना नियमों का उल्लंघन है, क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राज्यसभा के सदस्य नहीं हैं।

शर्मा ने कहा, "आज सुबह जब नेता प्रतिपक्ष विशेषाधिकार उल्लंघन पर नोटिस के बारे में बात कर रहे थे, जो दिया गया है, हंगामे के बीच जो नहीं सुना जा सका और मैंने रिकॉर्ड में चेक किया कि संसदीय राज्य मंत्री ने राहुल गांधी का जिक्र किया है, जो कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, लेकिन लोकसभा के सदस्य हैं और उनसे माफी मांगने के लिए कहा। पहले तो सरकार झूठ बोल रही है और फिर मंत्री नियमों का भी उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने यह जानना चाहा कि गोयल ने किस आधार पर यह टिप्पणी की है।

12:21 (IST) 19 Dec 2018
इस वजह से राजस्थान, म.प्र. के शपथ ग्रहण में नहीं दिखीं मायावती, अखिलेश और ममता!

डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम 2019 के चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया है। कयास लगाया जा रहा है कि शायद यही वजह है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के शपथ ग्रहण समारोह में मायावती, अखिलेश और ममता नहीं पहुंचे। इसके बाद अखिलेश का यह बयान अपने आप में बहुत कुछ साबित करता है।

11:58 (IST) 19 Dec 2018
पीएम पद के लिए राहुल गांधी के प्रस्तावित नाम को लेकर बदले विपक्षी दलों के स्वर

2019 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम प्रस्तावित किया है। इसके बाद से विपक्षी दलों के सुर बदल गए हैं। अब अखिलेश यादव भी इससे सहमत नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा से नाराज है। इसी कारण कांग्रेस को तीन राज्यों में सफलता मिली है। अभी महागठबंधन का खाका तैयार किया जाना है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर, ममता बनर्जी और शरद पवार ने गठबंधन बनाने के लिए सभी नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास किया था। इस प्रयास में अगर कोई अपनी राय दे रहा है, तो जरूरी नहीं है कि गठबंधन की राय समान हो। प्रधानमंत्री पद के नाम पर किसी का भी नाम गठबंधन के सभी नेता तय करें तो बेहतर है।

दरअसल, डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम 2019 के चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए प्रस्तावित किया है। कयास लगाया जा रहा है कि शायद यही वजह है कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के शपथ ग्रहण समारोह में मायावती, अखिलेश और ममता नहीं पहुंचे। इसके बाद अखिलेश का यह बयान अपने आप में बहुत कुछ साबित करता है।

11:35 (IST) 19 Dec 2018
अखिलेश के बयान से महागणबंधन को लग सकता है झटका!

लोकसभा चुनाव-2019 को लेकर बन रही विपक्षी एकता पर एक बार फिर ग्रहण लगता दिख रहा है। सपा मुखिया ने डीएमके प्रमुख एम.के. स्टालिन के बयान पर अपनी सहमति नहीं दी है। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि स्टालिन की राय पर गठबंधन के सभी सदस्य एकमत हों। स्टालिन ने 2019 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम प्रस्तावित किया है। इसके बाद से विपक्षी दलों के सुर बदल गए हैं। अब अखिलेश यादव भी इससे सहमत नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता अब भाजपा से नाराज है। इसी कारण कांग्रेस को तीन राज्यों में सफलता मिली है। अभी महागठबंधन का खाका तैयार किया जाना है।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर, ममता बनर्जी और शरद पवार ने गठबंधन बनाने के लिए सभी नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास किया था। इस प्रयास में अगर कोई अपनी राय दे रहा है, तो जरूरी नहीं है कि गठबंधन की राय समान हो। प्रधानमंत्री पद के नाम पर किसी का भी नाम गठबंधन के सभी नेता तय करें तो बेहतर है।

11:16 (IST) 19 Dec 2018
'कांग्रेस मुक्त' पूर्वोत्तर 2019 चुनावों में भाजपा का मजबूत गढ़ होगा

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने यहां मंगलवार को कहा कि मिजोरम विधानसभा चुनाव के बाद पूवरेत्तर 'कांग्रेस मुक्त' हो गया है और 2019 लोकसभा चुनाव में यह क्षेत्र भाजपा का मजबूत गढ़ बनेगा। उन्होंने मीडिया से कहा, "कांग्रेस ने 60 वर्षो तक यहां के राज्यों को अंधेरे में रखा। यहां के लोगों ने पार्टी को आठ राज्यों से हटाकर क्षेत्र को 'कांग्रेस मुक्त' कर दिया। सोनोवाल ने कहा कि इन आठ राज्यों की 25 लोकसभा सीटों पर भाजपा और गठबंधन के हमारे साथी लगभग सभी सीटों पर कब्जा करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार ने सर्वागीण विकास के लिए क्षेत्र को शीर्ष प्राथमिकता दी है।"

सोनोवाल ने कहा, "प्रधानमंत्री के दिशा-निर्देश में, सभी केंद्रीय मंत्रियों ने आठ पूर्वोत्तर राज्यों के सर्वागीण विकास के लिए अनुकरणीय पहल की है। पूर्वोत्तर में लगातार हार से हताश कांग्रेस पार्टी भाजपा के खिलाफ गलत सूचना फैलाने वाले अभियानों को चला रही है। भारत के अन्य भागों की तरह, मोदी सरकार ने क्षेत्र में परिवर्तन ला दिया है।"