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जनसत्ता संवाद: कोरोना – मात देने वाले 80 और 90 पार के बुजुर्ग

पंजाब के मोहाली की 81 साल की कुलवंत निर्मल कौर ने डायबिटीज, हाइपरटेंशन के साथ-साथ पांच स्टेंट्स सर्जरी के बावजूद कोरोना को हरा दिया है। सोमवार को वे अस्पताल से छुट्टी पा गईं। इससे पहले केरल के कोट्टायम जिले में कोरोना संक्रमित सबसे बुजुर्ग भारतीय थॉमस अब्राहम (93) और उनकी पत्नी मरियम्मा (88) ने कोट्टायम के सरकारी मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत की जंग जीत ली।

Author Published on: April 7, 2020 12:55 AM
चीन के वुहान शहर से निकला कोरोना वायरस (Coronavirus) पूरी दुनिया के लिए महामारी बन गया है। इस खतरनाक वायरस से हजारों लोगों की जान जा चुकी है। लाखों लोग इसके संक्रमण की गिरफ्त में भी हैं। कोरोना से पीड़ित होने वाले लोगों में इंग्लैंड की रॉयल फैमिली के प्रिंस चार्ल्स (Prince Charles) भी शामिल हैं। 71 साल के प्रिंस चार्ल्स हाल ही में कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

पंजाब के मोहाली की 81 साल की कुलवंत निर्मल कौर ने डायबिटीज, हाइपरटेंशन के साथ-साथ पांच स्टेंट्स सर्जरी के बावजूद कोरोना को हरा दिया है। सोमवार को वे अस्पताल से छुट्टी पा गईं। इससे पहले केरल के कोट्टायम जिले में कोरोना संक्रमित सबसे बुजुर्ग भारतीय थॉमस अब्राहम (93) और उनकी पत्नी मरियम्मा (88) ने कोट्टायम के सरकारी मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और मौत की जंग जीत ली। कुलवंत कौर को उनके विदेश से लौटे बेटे और पतोहू से कोरोना का संक्रमण लगा था।

उन्होंने अपने संयम और जिजीविषा से जिंदगी की जंग जीत ली। इससे पहले कोरोना संक्रमित देश के सबसे बुजुर्ग जोड़े के ठीक होने की खबर आई। केरल के पथनमथिट्टा के 93 और 88 साल के पति-पत्नी ने अपनी सादा जीवन शैली और पौष्टिक भोजन लेकर इस बीमारी को हरा दिया। संक्रमण के बाद अस्पताल के पृथक वार्ड में भर्ती रहने के दौरान भी 93 साल थॉमस अब्राहम और उनकी पत्नी मरियम्मा (88) ने अपने खाने-पीने का अंदाज नहीं बदला था। वहां भी वह पझनकांजी (चावल से बना व्यंजन), कप्पा और कटहल खाते रहे।

थॉमस और मरियम्मा (88) को यह संक्रमण इटली से पिछले महीने लौटे उनके बेटा, पतोहू और पोते से लगा। अब परिवार के पांचों सदस्य संक्रमण मुक्त घोषित किए गए हैं। अब सभी जल्द ही एक साथ रहने की योजना बना रहे हैं। उनकी चिकित्सा करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि इसी हफ्ते इस बुजुर्ग जोड़े को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी।

दोनों कोट्टायम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती थे। थॉमस के पोते रिजो मॉन्सी कहते हैं, ऐसा लगता है कि दोनों अपनी जीवन शैली के कारण स्वस्थ हो पाए हैं। उन्होंने बताया कि उनके दादा पथनमथिट्टा जिले के रानी में किसानी करते हैं और शराब तथा सिगरेट को हाथ भी नहीं लगाते हैं। वह हंसते हुए कहते हैं, जिम गए बगैर भी दादा के सिक्स पैक ऐब्स हैं।

रिजो मॉन्सी इटली में रेडियोलॉजी के क्षेत्र में काम करते हैं। रिजो और उनके माता-पिता कई साल से इटली में रह रहे हैं। दादा की जिद पर वे और उनका परिवार भारत आ गया। रिजो कहते हैं, यह अच्छा हुआ, अन्यथा हम इटली में ही होते और संक्रमण की आशंका में घिरे होते। वे कहते हैं कि अपनी पढ़ाई के दिनों में मैं दादाजी के साथ ही रहता था, हम काफी करीब हैं। उन्होंने कहा कि हम उनसे मिलने जल्दी आ जाएं। इटली के मुकाबले केरल ज्यादा सुरक्षित है।

रिजो के दादा को पझनकांजी, कप्पा और चक्का पसंद है, जबकि दादी मछली पसंद से खाती हैं। पझनकांजी, पके हुए चावल (भात) से बना व्यंजन है, जिसमें रात को भात में पानी डालकर छोड़ दिया जाता है और वह सुबह तक फर्मेंट हो जाता है। कप्पा एक प्रकार का जड़ है, जिससे सब्जी और चिप्स आदि बनते हैं। चक्का केरल में कटहल को कहते हैं। पृथक वार्ड में रहने के दौरान भी थॉमस पझनकांजी और नारियल की चटनी, कप्पा ही खाने के लिए मांगते थे और उन्हें यही दिया गया।

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