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कृषि बिलः RS में काटा था हंगामा, TMC के डेरेक ओ ब्रायन व AAP के संजय सिंह समेत 8 सदस्यों पर ऐक्शन, 1 हफ्ते के लिए सस्पेंड

राज्यसभा में सोमवार को विपक्षी सांसदों के हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही सुबह 10बजे तक स्थगित कर दी गई।

Author Edited By अभिषेक गुप्ता नई दिल्ली | Updated: September 21, 2020 10:37 AM
Farm Bills, Agriculture Bills, Rajya Sabha, Derek O Brien, Sanjay Singhउप सभापति हरिवंश ने उनकी मांग को ठुकराते हुए कहा कि मत विभाजन तभी हो सकता है जब सदस्य अपनी सीट पर हों। तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आसन की ओर बढ़ते हुए नियम पुस्तिका उप सभापति की ओर उछाल दी थी। (फाइल फोटोः एजेंसी)

किसानों से जुड़े विधेयकों (Agriculture Bills/Farm Bills) पर संसद के उच्च सदन Rajya Sabha के रविवार को जोरदार हंगामा काटने को लेकर आठ सदस्यों पर ऐक्शन लिया गया है। सोमवार को सभापति एम वैंकेया नायडू ने इन सदस्यों को हफ्ते भर के लिए निलंबित कर दिया।

सभापति ने कहा कि कल का दिन राज्यसभा के लिए बहुत खराब दिन था। इस दौरान सदस्यों ने उपसभापति के साथ अमर्यादित आचरण भी किया। इस दौरान सदन में हंगामा जारी रहा और सरकार ने आठ विपक्षी सदस्यों को मौजूदा सत्र के शेष समय के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया।

उनके मुताबिक, “उपसभापति के साथ खराब व्यवहार को लेकर इन पर यह ऐक्शन लिया गया है, जिनमें डेरेक ओ ब्रायन, संजय सिंह, राजू सतव, केके रगेश, रिपुण बोरा, डोला सेना, सैयद नजीर हुसैन और एलामरन करीम शामिल हैं।”

नायडू ने इसके साथ ही उपसभापति हरिवंश के खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को सोमवार को खारिज कर दिया और कहा कि प्रस्ताव उचित प्रारूप में नहीं था। उन्होंने सदन में इसकी घोषणा की। बता दें कि विपक्ष ने एक दिन पहले कृषि से संबंधित दो विधेयकों पर विपक्ष के संशोधनों पर मतविभाजन की मांग ‘‘स्वीकार’’ नहीं किए जाने को लेकर उपसभापति के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया था।

वहीं, राज्यसभा सांसद वी मुरलीधरन ने इसके बाद कहा कि निलंबित सदस्यों को सदन में रहने का अधिकार नहीं है। सदन की कार्यवाही गैर-सदस्यों की मौजूदगी में नहीं चल सकती है।

बाद में डिप्टी चेयरमैन हरिवंश सिंह ने नामित सदस्यों (वैंकेया नायडू द्वारा) से सदन की कार्यवाही में हिस्सा न लेने की अपील की। सदन में इसके बाद लगातार विपक्षी सांसद हंगामा करने लगे, जिसके चलते सदन की कार्यवाही सुबह 10 बजकर 36 मिनट तक के लिए स्थगित कर दी गई।

दरअसल, राज्यसभा ने रविवार को दो प्रमुख कृषि विधेयकों को पारित कर दिया। पर उस दौरान विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामा हुआ। विपक्षी सदस्यों ने पीठासीन अधिकारी के आसन की ओर रुख करते हुए उनकी ओर नियम पुस्तिका को उछाला, सरकारी कागजातों को फाड़ डाला और मत विभाजन की अपनी मांग को लेकर उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया।

उच्च सदन में हुए हंगामे के कारण थोड़े समय के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। उच्च सदन ने रविवार को कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सुविधा) विधेयक-2020 और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-2020 को मंजूरी दे दी।

ये विधेयक लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी है। इस प्रकार इन विधेयकों को संसद की मंजूरी मिल गई है जिन्हें अधिसूचित किये जाने से पहले अब राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजा जायेगा।

समस्या तब शुरु हुई जब सदन की बैठक का समय विधेयक को पारित करने के लिए निर्धारित समय से आगे बढ़ा दिया गया। विपक्षी सदस्यों, का मानना था कि इस तरह का फैसला केवल सर्वसम्मति से ही लिया जा सकता है और वे सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सभापति के आसन के सामने इकट्ठा हो गये। उन्होंने सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप लगाया।

हंगामे के कारण कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को संक्षेप में अपनी बात रखनी पड़ी तथा उप सभापति हरिवंश ने विधेयकों को परित कराने की प्रक्रिया शुरु कर दी। विपक्ष द्वारा व्यापक जांच के लिए लाये गये चार प्रस्तावों को ध्वनिमत से नकार दिया गया। लेकिन कांग्रेस, तृणमूल, माकपा और द्रमुक सदस्यों ने इस मुद्दे पर मत विभाजन की मांग की।

देखें, क्या हुआ था सदन मेंः

उप सभापति हरिवंश ने उनकी मांग को ठुकराते हुए कहा कि मत विभाजन तभी हो सकता है जब सदस्य अपनी सीट पर हों। तृणमूल नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आसन की ओर बढ़ते हुए नियम पुस्तिका उप सभापति की ओर उछाल दी। सदन में खडे मार्शलों ने इस कोशिश को नाकाम करते हुए उछाली गई पुस्तिका को रोक लिया। माइक्रोफोन को खींच निकालने का भी प्रयास किया गया लेकिन मार्शलों ने ऐसा होने से रोक दिया।

द्रमुक नेता तिरुचि शिवा, जिन्होंने ओ’ब्रायन के साथ और कांग्रेस के के सी वेणुगोपाल और माकपा के के के रागेश के साथ मिलकर विधेयकों को प्रवर समिति को भेजने का प्रस्ताव किया था, उन्होंने कागजात फाड़कर हवा में उछाल दिए। उप सभापति हरिवंश ने सदस्यों को अपने स्थानों पर वापस जाने और कोविड-19 के कारण भौतिक दूरी बनाने की आवश्यकता को ध्यान में रखकर आसन के समीप नहीं आने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने हंगामा थमता न देख पहले लाइव कार्यवाही के ऑडियो को बंद करवा दिया और फिर कार्यवाही को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया।

जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरु हुई तो विपक्षी दलों ने नारे लगाए लेकिन वे हरिवंश को ध्वनि मत से विधेयक को पारित करने के लिए रखने से रोक नहीं पाये। विपक्षी दलों द्वारा लाये गये संशोधनों को खारिज करते हुए दोनों विधेयकों को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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