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साक्षात्कार: विद्यार्थियों को कोचिंग के मकड़जाल से बचाएगा यह स्टार्टअप

स्टार्टअप को सफल बनाने में भी जोखिम लेना व त्याग करना, धैर्य रखना, कोशिश करना, विफलता व उससे सीखने के क्रम को जारी रखना और खुद पर यकीन रखना व हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना मदद करता है।

Author Published on: May 21, 2020 3:52 AM
‘एडविजो’ स्टार्टअप शुरू करने वालेआइआइटी छात्र रवि निशांत।

आइआइटी गुवाहाटी से बीटेक करने वाले रवि निशांत मूल रूप से बिहार के बांका जिले के रहने वाले हैं। साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले रवि को आइआइटी तक पहुंचने में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा। इनमें सबसे बड़ी समस्या एक बेहतर कोचिंग संस्थान का चुनाव भी थी। उन्होंने अपने अनुभव का उपयोग करते हुए आज एक ऐसा प्लेटफॉर्म ‘एडविजो’ बनाया है जो न केवल विद्यार्थियों को देश के बेहतर कोचिंग संस्थानों की जानकारी देगा बल्कि उनके शुल्क की सुरक्षा भी प्रदान करेगा। पेश है रवि से बातचीत के कुछ अंश…

सवाल : इस स्टार्टअप को बनाने का विचार कैसे आया?
रवि : जब मैं ग्यारहवीं में पढ़ता था तो अपने चचेरे भाई की सलाह पर मैंने एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया था लेकिन कुछ समय बाद ही मुझे अपने निर्णय पर पछताना पड़ा। वहीं, मेरी छोटी बहन आइआइटी की तैयारी के लिए कोटा के एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया लेकिन कुछ ही समय बाद वह खराब होते स्वास्थ्य की वजह से वापस आ गई। मुझे सही कोचिंग नहीं मिला तो मेरी बहन के शुल्क को कोचिंग संस्थान ने वापस नहीं दिया। ऐसी ही समस्याओं के समाधान के लिए मैंने ‘एडविजो’ स्टार्टअप का विचार आया।

सवाल : स्टार्टअप को शुरू करने में कौन सी समस्याएं आईं?
रवि : सबसे पहले तो मुझे अपने अभिभावकों को इसके लिए मनाना पड़ा। इसके बाद मेरे सामने फंड की समस्या आई लेकिन मेरे कॉलेज के वरिष्ठ साथियों और मित्रों ने मेरी बहुत मदद की। करीब दो साल तक मेरे खर्चे मेरे इन्हीं मित्रों ने उठाए।

सवाल : स्टार्टअप की सफलता के लिए क्या जरूरी है?
रवि : स्टार्टअप की यात्रा बहुत की रोमांचकारी होती है और हर दिन हम कुछ न कुछ नया सीखते हैं। किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए मैंने कुछ नियम बनाए हैं और हमेशा उन्हीं पर चलता हूं। स्टार्टअप को सफल बनाने में भी इन नियमों की बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका रही। इनमें जोखिम लेना व त्याग करना, धैर्य रखना, कोशिश करना, विफलता व उससे सीखने के क्रम को जारी रखना और खुद पर यकीन रखना व हमेशा सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना शामिल हैं।

प्रस्तुति : सुशील राघव

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