प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा के बैंक लॉकर की जांच की। यह कार्रवाई वीणा की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी और खनन कंपनी सीएमआरएल से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में की गई। ईडी के अधिकारियों ने सुबह वीणा की मौजूदगी में तिरुवनंतपुरम में एचडीएफसी बैंक की एक शाखा में उनके लॉकर की जांच की।

कार्रवाई के दौरान बैंक के बाहर केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान तैनात थे। इस कार्रवाई से दो दिन पहले धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज मामले में वीणा से ईडी के कोच्चि कार्यालय में 9 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई थी। विजयन ने इस घटनाक्रम को ज़्यादा अहमियत नहीं देते हुए कहा कि ईडी ने उनके किराए के आवास की तलाशी ली थी, और अगर एजेंसी उनकी बेटी के बैंक लॉकर की जांच करना चाहती है तो इसमें कोई दिक्कत नहीं है।

विजयन ने क्या कहा?

विजयन ने कहा, ”अगर वे इसे देखना चाहते हैं, तो देखने दें। आप (मीडिया) अपने कैमरे के साथ जा सकते हैं और देख सकते हैं कि लॉकर खुलने पर कोई बड़ी चीज मिलती है या नहीं।” विजयन विधानसभा में बजट पेश होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले पर पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे।

क्या है पूरा मामला?

जांच एजेंसी राज्य के स्वामित्व वाली कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) द्वारा 2017 और 2020 के बीच एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को किए गए कथित 1.72 करोड़ रुपये के भुगतान की जांच कर रही है। आयकर अंतरिम निपटान बोर्ड ने कथित तौर पर पाया था कि कंपनी द्वारा कोई सेवा प्रदान न किए जाने के बावजूद भुगतान मासिक आधार पर किए गए थे।

बोर्ड ने यह भी पाया कि एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस लेन-देन के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रही। इससे पहले केरल हाई कोर्ट ने सीएमआरएल द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें रिश्वतखोरी और मनी लॉन्ड्रिंग की चल रही जांच में ईडी की कार्यवाही को रद्द करने की मांग की गई थी। 

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ईडी द्वारा पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान धनशोधन मामलों में की गई गिरफ्तारियों में लगभग 27 फीसद की कमी आई है, लेकिन इस अवधि के दौरान कुर्क की गई संपत्तियों का मूल्य 81,000 करोड़ रुपए से अधिक रहा, जो अब तक का रिकार्ड है। पढ़ें पूरी खबर