व‍िपक्ष के कई नेताओं के ख‍िलाफ जांच के बीच ED चीफ को म‍िला एक साल का सेवा-व‍िस्‍तार

ईडी अभी सबसे हाईप्रोफाइल मामलों में से एक 2500 करोड़ रुपये के महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लोन धोखाधड़ी केस की जांच कर रही है। इसमें एजेंसी की तरफ से एनसीपी चीफ शरद पवार को समन भी भेजा जा चुका है।

ED, ed chief, sanjay kumar mishra, IRS, moneyसंजय कुमार मिश्रा 1984 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। (फाइल फोटो)

विपक्ष के कई नेताओं के खिलाफ जांच के बीच प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख संजय कुमार मिश्रा को केंद्र की तरफ से एक साल का सेवा विस्तार दिया गया है। मिश्रा का दो साल का कार्यकाल खत्म होने से ठीक पहले ही यह विस्तार दिया गया है।

शनिवार को वित्त मंत्रालय ने अपने 19 नवंबर 2018 को जारी आदेश को संशोधित किया, जिसमें 1984 बैच के भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी को ईडी का प्रमुख नियुक्त किया गया था। संशोधित आदेश में ईडी प्रमुख के कार्यकाल को राष्ट्रपति की सहमति से एक साल बढ़ाया गया है। केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद यह पहली बार होगा कि किसी ईडी प्रमुख का कार्यकाल इस तरह तीन साल का होगा। मिश्रा ने आईपीएस अधिकारी करनाल सिंह के बाद ईडी प्रमुख का पदभार संभाला था।

करनाल सिंह को फरवरी 2017 में एक जनहित याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद दो साल का निश्चित कार्यकाल दिया गया था। ईडी में अपनी नियुक्ति से पहले, मिश्रा दिल्ली में आयकर विभाग के चीफ कमिश्नर के रूप में तैनात थे। उन्हें केंद्र सरकार में एडिशनल सेकेट्री के रूप में रखा गया था, जिसके बाद वे ईडी प्रमुख के पद के योग्य हो गए।

मिश्रा के कार्यकाल को बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले के जांच के दायरे में आने की संभावना है। विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि केंद्र सरकार सीबीआई, एनआईए और ईडी जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का उपयोग विशेष रूप से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए करती है। हाल के दिनों में, विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी के मामलों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

सरकार के आलोचकों का कहना है कि चूंकि सीबीआई को स्वयं कई निर्धारित, लंबी-अवधि की जांच प्रक्रियाओं का पालन करना है, इसलिए ईडी को केंद्र सरकार द्वारा राजनीतिक लाभ के लिए प्रयोग किया जा रहा है। बता दें कि मिश्रा के नेतृत्व में ईडी अभी सबसे हाईप्रोफाइल मामलों में से एक 2500 करोड़ रुपये के महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लोन धोखाधड़ी केस की जांच कर रही है।

इसमें एजेंसी की तरफ से एनसीपी चीफ शरद पवार को समन भी भेजा जा चुका है। इसके अलावा ईडी के पास पंचकूला में एजेएल के भूमि सौदे में हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा के खिलाफ भी जांच भी शामिल हैं। इसी तरह यूपी में 2017 के विधानसभा चुनाव से तीन महीने पहले ईडी के पास बसपा के खाते से जुड़े 104 करोड़ रुपये की जांच का मामला भी आया था।

ईडी ने 1400 करोड़ रुपये के दलित स्मारक से जुड़े मामले की भी जांच कर रही है। इसी समय ही ही ईडी ने गैरकानूनी खनन मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में केस दर्ज किया था।

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