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पूरे देश से एकबारगी नहीं हटेगा लॉकडाउन, चरणों में होंगी सेवाएं बहाल, जानें- देशभर में कहां, क्या बन रहा प्लान?

सूत्रों ने बताया कि मंत्री समूह ने इस बात पर चर्चा की कि अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति बनानी होगी क्योंकि सभी क्षेत्रों और हॉटस्पॉट में कोरोना के अलग-अलग मामले और संख्या देखने को मिल रहे हैं।

नई दिल्ली | Updated: April 5, 2020 8:34 AM
कोरोना वायरस के चलते लागू किए गए लॉकडाउन के बीच पलायन करते मजदूर। (एक्सप्रेस फोटो)

दो दिन पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर केंद्रीय मंत्रियों की एक बैठक हुई। इसमें मंत्री समूह ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन से उत्पन्न मुद्दों पर मंथन किया ताकि कोरोनवायरस के प्रकोप का मुकाबला किया जा सके और 14 अप्रैल को समाप्त होने वाले 21 दिन के लॉकडाउन के बाद संभावित अगले चरणों और विकल्पों की खोज की जा सके। बैठक की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया कि मंत्रियों ने चर्चा की कि लॉकडाउन अनिश्चित काल तक जारी नहीं रह सकता है। लेकिन यह एक बार में हर जगह से हटाया भी नहीं जा सकता।

शुक्रवार को मंत्री समूह ने तीसरी बार बैठक की थी। उम्मीद है कि अगले हफ्ते भी मंत्री समूह बैठक करेगा और लॉकडाउन हटाए जाने की रणनीति पर चर्चा करेगा। हालांकि, यह कहा जा रहा है कि 10 अप्रैल तक कोरोना के संक्रमितों की संख्या, उसकी रफ्तार, नए मामलों, संक्रमण की दर आदि मुद्दों पर समीक्षा करने के बाद ही लॉकडाउन हटाने पर कोई ठोस निर्णय लिया जा सकेगा। फिलहाल, देश भर के 700 से अधिक जिलों में कोरोना के 200 से अधिक पॉजिटिव केस सामने आए हैं।

सूत्रों ने बताया कि मंत्री समूह ने इस बात पर चर्चा की कि अलग-अलग क्षेत्रों के लिए अलग-अलग रणनीति बनानी होगी क्योंकि सभी क्षेत्रों और हॉटस्पॉट में कोरोना के अलग-अलग मामले और संख्या देखने को मिल रहे हैं। लिहाजा इससे निपटने के लिए भी अलग-अलग तरह की नीतियां बनानी होंगी। शहरी क्षेत्रों से अलग ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दूसरी रणनीति होगी। छोटे दुकानों, मॉल्स या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के लिए भी अलग-अलग नीति की जरूरत होगी।

नई दिल्ली से गुरुवार को वीडियो-कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत करते हुए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सभी सीएम से कहा था कि 14 अप्रैल को लॉकडाउन समाप्त होने के बाद लोगों को कंट्रोल करने के लिए राज्य सरकारें ठोस रणनीति बनाने पर काम करे। इस दौरान उन्होंने यह भी रेखांकित किया था कि अगले कुछ हफ्तों में, कोरोनावायरस के खतरे के खिलाफ लड़ाई में टेस्टिंग, ट्रेसिंग, आइसोलेशन और क्वरंटाइन का काम चलते रहना चाहिए। पीएम ने इस दौरान यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक स्थिति “संतोषजनक” से दूर है और “कुछ देशों में वायरस के फैलने का ट्रेंड संभावित अटकलों से बहुत तेज है।

मंत्रियों के समूह ने जहां लिमिटेड लॉकडाउन पर जोर देते हुए चर्चा की है, वहीं रेलवे ने सभी मंडलों से चरणबद्ध तरीकों से रेल सेवा बहाल करने की रणनीति बनाने को कहा है। इसमें यात्री सेवा को प्राथमिकता देने को कहा गया है। हालांकि, अभी भी रेवले बोर्ड केंद्र सरकार से निर्देश की बाट जोह रहा है।

उधर, नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि अगर 21 दिनों के लॉकडाउन को आगे नहीं बढ़ाया जाता है, तो एयरलाइंस 14 अप्रैल के बाद घरेलू बुकिंग ले सकती है। पुरी ने एक वीडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि जहां तक ​​नागरिक उड्डयन मंत्रालय का सवाल है, यह इस समझ के आधार पर आगे बढ़ रहा है कि लॉकडाउन अप्रैल के मध्य तक खत्म हो जाएगा।

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