ताज़ा खबर
 

दिल्ली से पाकिस्तान तक हिली धरती, हिन्दूकुश था भूकंप का केंद्र

उत्तरी भारत में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के अलावा राजधानी दिल्ली में भी झटके महसूस किए गए। झटके के कारण दिल्ली मेट्रो सेवा भी कुछ मिनट के लिए बाधित रही।

Author नई दिल्‍ली | April 11, 2016 11:21 AM
दिल्‍ली में भूकंप के बाद लोग घरों से बाहर निकल आए।

अफगानिस्तान के हिन्दूकुश की पहाड़ियों में रविवार को 6.8 क्षमता का भूकंप आया जिसके झटके पाकिस्तान और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के अनेक हिस्सों में महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केन्द्र के संचालन प्रमुख जे. एल. गौतम के अनुसार, ‘तीन बजकर 58 मिनट पर हिन्दूकुश की पहाड़ियों में 190 किलोमीटर की गहरायी पर भूकंप आया।

रिक्टर स्केल पर उसकी तीव्रता 6.8 मापी गई।’ फिलहाल कहीं से किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। उत्तरी भारत में जम्मू-कश्मीर, पंजाब, चंडीगढ़ और हरियाणा के अलावा राजधानी दिल्ली में भी झटके महसूस किए गए। झटके के कारण दिल्ली मेट्रो सेवा भी कुछ मिनट के लिए बाधित रही। श्रीनगर, चंडीगढ़, मोहाली और दिल्‍ली में भूकंप इतना तेज था कि 2 मिनट हिलती रही। इसी प्रकार से गुरदासपुर, अमृतसर, जालंधर और हिमाचल प्रदेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं और लोग घरों से बाहर निकल आए।

Read Also: देखें, सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं Earthquake Videos

Read Also: दिल्ली से पाकिस्तान तक हिली धरती, जानिए, क्यों आता है भूकंप?

 

पाकिस्तान में तेज झटके
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर समेत पाकिस्तान के अनेक हिस्सों में 7.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया जिससे घबराए हुए लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके 10-15 सेकेंड तक महसूस किये गये। भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान और तजाकिस्तान के सीमाई क्षेत्र में हिंदूकुश पर्वतमाला के बीच 236 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप के झटके खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत के अलावा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर एवं गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्रों में महसूस किए गए।

अभी तक किसी भी तरह की जान-माल की हानि की कोई खबर नहीं है। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद समेत लाहौर और पेशावर में झटके महसूस किए गए। गौरतलब है कि पिछले साल अक्तूबर में पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर भयानक भूकंप आया था जिसमें करीब 200 लोगों की जान चली गई थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App