E20 Petrol Controversy: एथनॉल ब्लेंडिंग वाले पेट्रोल की आलोचना और उसके कथित नुकसान के बारे में बात करने वाले चार कंटेट क्रिएटर्स के खिलाफ नागपुर पुलिस ने FIR दर्ज की थी। इस मामले में बुधवार सुबह तीन इंस्टाग्राम अकाउंट बैन हो गए थे। इनमें से एक इन्फ्लुएंसर ने अपने वीडियो में प्रयोग की गई भाषा के लिए माफी मांगी और अपना प्रोफाइल ही डिलीट कर लिया।
हालांकि, यूट्यूबर मनीष कश्यप अपने दावों का अभी भी बचाव कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि वे अपने यूट्यूब चैनल से एथनॉल पेट्रोल संबंधित वीडियो नहीं डिलीट करेंगे। बता दें कि 13 जुलाई को नागपुर बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख शिशिर त्रिपाठी की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज की थी।
एथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर फर्जी दावों का आरोप
बीजेपी नेता आरोप लगाया है कि वीडियो बनाने वालों ने एथनॉल-मिश्रित ईंधन के बारे में गलत जानकारी फैलाई और फर्जी दावों के जरिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को बदनाम करने का प्रयास किया गया।
बीजेपी नेता द्वारा दर्ज कराई गई FIR में बिहार के यूट्यूबर मनीष कश्यप, इंस्टाग्राम पेज दिल्ली बॉयज एनसीआर के एडमिनिस्ट्रेटर, इंस्टाग्राम क्रिएटर हर्षित राठी और कंटेंट क्रिएटर अंकलेश इनवाटी शामिल हैं।
अपनी बात पर कायम है मनीष कश्यप
बुधवार सुबह तक दिल्ली बॉयज एनसीआर, हर्षित राठी और अंकलेश इनवाटी के इंस्टाग्राम अकाउंट बंद हो गए थे। यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि अकाउंट मालिकों द्वारा डिलीट किए गए थे या प्लेटफॉर्म द्वारा हटाए गए थे। हालांकि, मनीष कश्यप का यूट्यूब चैनल है और एफआईआर में जिन वीडियोज का लिंक लगा है, वे अभी भी उनके चैनल पर उपलब्ध हैं।
इंफ्लुएंसर ने माफी मांगी, लेकिन आरोपों पर कायम है।
मंगलवार शाम को द इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए, दिल्ली बॉयज़ एनसीआर पेज चलाने वाले रोहित कुमार ने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ मामला क्यों दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि कई अन्य कंटेंट क्रिएटर्स ने भी इथेनॉल-मिश्रित ईंधन पर वीडियो बनाए हैं, उन्होंने कहा कि वे इस तरह के वीडियो बनाने वाले अकेले नहीं हैं।
रोहित कुमार ने कहा, “फर्क सिर्फ इतना है कि मेरा वीडियो वायरल हो गया। एक अमीर व्यक्ति के लिए वाहन की मरम्मत शायद ज्यादा मायने न रखती हो, लेकिन एक मध्यमवर्गीय परिवार के व्यक्ति के लिए 2000 रुपये खर्च करना भी काफी मुश्किल होता है क्योंकि वे अपनी मेहनत की कमाई का एक-एक पैसा जोड़कर गाड़ी खरीदते हैं।”
अपशब्दों के लिए मांगी माफी
रोहित कुमार ने कहा कि उनका वीडियो उनके अपने अनुभव पर आधारित था, जिसमें उन्होंने दावा किया कि एथनॉल-मिश्रित ईंधन भरवाने के बाद उनके स्कूटर में समस्या आ गई। उन्होंने कहा, “मैंने ईंधन दिखाते हुए एक वीडियो भी अपलोड किया था। पेट्रोल पंप के कर्मचारियों ने स्वीकार किया कि उनकी मशीन में खराबी थी। अगर मेरे दावे झूठे होते, तो वे कैमरे पर अपनी गलती क्यों स्वीकार करते?”
एफआईआर दर्ज होने के बाद रोहित कुमार ने एक माफीनामा वीडियो अपलोड किया, जिसमें उन्होंने गडकरी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अपशब्दों के लिए खेद व्यक्त किया। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनके आरोपों का सार अभी भी पहले जैसा ही है। है। उन्होंने कहा, “अगर मैंने सबूत के साथ वीडियो अपलोड किया, तो उसमें क्या गलत था? मैं मानता हूं कि मैंने वीडियो में अपशब्दों का इस्तेमाल किया, और मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था लेकिन जिसकी भी गाड़ी खराब हो जाए, वह स्वाभाविक रूप से परेशान होगा।”
उन्होंने कहा कि उन्हें अब भी लगता है कि एथनॉल-मिश्रित ईंधन से ही उनके स्कूटर को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा, “मैं काम के लिए पूरी तरह से अपने स्कूटर पर निर्भर हूं। जब से यह खराब हुआ है, मैं मेट्रो से यात्रा कर रहा हूं। मैं दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करता हूं और अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य हूं। मेरे पिता की नौकरी कोविड काल में उनके नियोक्ता के निधन के बाद चली गई थी।”
‘बीजेपी को वोट देता हूं लेकिन…’
भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोपों का जवाब देते हुए रोहित कुमार ने कहा कि बाद में वह पेट्रोल पंप पर वापस गए और पाया कि जिस नोजल से उन्होंने पेट्रोल भरा था, उसे सील कर दिया गया था। उन्होंने कहा, “पंप के कर्मचारियों ने खुद मुझे बताया कि नोजल में खराबी आ गई थी। मैंने पेट्रोल पंप पर वीडियो इसलिए बनाया ताकि कोई मुझ पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप न लगा सके।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं भाजपा को वोट देता हूं और पार्टी का समर्थन करता हूं लेकिन अगर ऐसे मुद्दे उठते हैं, तो लोगों को क्या करना चाहिए? क्या नुकसान झेलने के बाद उन्हें चुप रहना चाहिए?”
अपनी बात पर कायम मनीष कश्यप
यूट्यूबर मनीष कश्यप ने अपने वीडियो वापस लेने से इनकार कर दिया है। नितिन गडकरी को संबोधित एक नए वीडियो में कश्यप ने कहा, “अगर आप सार्वजनिक रूप से कहते हैं कि मेरा वीडियो झूठा है, तो मैं जेल जाने को तैयार हूं लेकिन मैं अपने कहे को वापस नहीं लूंगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि इथेनॉल मिश्रण उपभोक्ताओं के लिए समस्याएं पैदा कर रहा है और उन्होंने सरकार द्वारा ई20, ई25 और ई30 जैसे उच्च एथनॉल मिश्रणों की ओर बढ़ते कदम पर सवाल उठाते हुए कहा कि एथनॉल का अतिरिक्त उत्पादन वाहन मालिकों की कीमत पर नहीं होना चाहिए।
दूसरी ओर अपना इंस्टाग्राम अकाउंट बंद होने से पहले हर्षित राठी ने केंद्रीय मंत्री की आलोचना करने वाले कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही पर सवाल उठाया था। वहीं, अंकलेश इनवाटी ने कहा है कि वे भी अपना बनाया हुआ वीडियो डिलीट कर सकते हैं।
बता दें कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। नागपुर साइबर पुलिस ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अभी तक किसी भी रचनाकार को कोई नोटिस नहीं भेजा गया है। एक अधिकारी ने कहा, “पुलिस फिलहाल सोशल मीडिया के जरिए इन रचनाकारों के बारे में जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में है।”
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ग्राहकों को शुद्ध पेट्रोल और अलग-अलग स्तर के इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल में से चुनने का विकल्प नहीं मिलने पर उठ रहे सवालों के बीच सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। सरकार का कहना है कि देश भर में बेस फ्यूल के कई ग्रेड उपलब्ध कराना बड़ी लॉजिस्टिकल चुनौती होगी। इससे भारत के जटिल फ्यूल रिटेल नेटवर्क में लागत बढ़ेगी और ऑपरेशनल क्षमता भी प्रभावित होगी। पढ़िए पूरी खबर…
