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ई-कचरे के निपटारे के नियम और होंगे सख्त

नए प्रावधान में केंद्र सरकार उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ जुर्माना करने और पंजीयन तक रद्द करने का प्रावधान लेकर आई है।

देश में इलेक्ट्रिक उपकरणों के निस्तारण के लिए नियम और सख्त होंगे। इसके लिए केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने इसके लिए एक नया प्रारूप तैयार किया है। मंत्रालय के मुताबिक इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान कम किया जा सकेगा।इस प्रारूप के तहत इलेक्ट्रिक उपकरणों बनाने वाली और इसे दोबारा प्रयोग में लाकर उपकरण बनाने वाली ऐसी हर एजंसी को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास पंजीयन करना होगा। नए प्रावधान में केंद्र सरकार उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ जुर्माना करने और पंजीयन तक रद्द करने का प्रावधान लेकर आई है।

केंद्र सरकार के पर्यावरण मंत्रालय ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के प्रावधानों का हवाला देते हुए नए नियमों का प्रारूप तैयार किया है और इस प्रारूप पर आम जनता से भी राय मांगी है। कोई भी नागरिक या संबंधित एजंसियां इस मामले में मंत्रालय को तय समय सीमा के अंदर नए प्रावधानों अपने सुझाव भेज सकती है। इन सुझावों के बाद नए कानूनों प्रावधानों को लागू करने के लिए आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पर्यावरण मंत्रालय के मुताबिक नए प्रावधान यह सुनिश्चित करेंगे कि इलेक्ट्रिक कचरे का निपटारा तय नियमों के तहत हो ताकि इसका स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाला प्रभाव कम किया जा सके।

इस प्रक्रिया के माध्यम से इलेक्ट्रिक उत्पादन से लेकर इसके निस्तारण या उनके पुन निर्माण तक के कार्य को एक कानून के दायरे में लाने की पहल की है और उनकी जिम्मेदारियां भी तय कर दी गई हैं। इन सभी लोगों पर निगरानी रखने के लिए केंद्र सरकार एक पोर्टल तैयार करेगी और उस पोर्टल पर ही सभी एंजसियों को जोड़ा जाएगा। तय नियमों में प्रावधान किया गया है कि यदि कोई भी एजंसी तय नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई जाती है, तो उस एजंसी के खिलाफ पर्यावरण नियम 28 के तहत जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। हालांकि यह धनराशि कितनी होगी, इसे नियमों में स्पष्ट नहीं किया गया है।

ये होगा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का काम

1-केंद्र सरकार के पोर्टल की निगरानी और कार्यवाही
2-राज्य के बोर्ड के साथ तालमेल स्थापित करना
3-ई कचरे की जानकारियां जुटाना, आनलाइन उपलब्ध कराना
4-खतरनाक उद्योगों को कम करने के लिए आईटी को बढ़ावा देना
5-निगरानी के लिए केंद्र बनाएगी छह सदस्यीय समिति

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