प्रधानमंत्री मोदी के तोहफों की नीलामी, नीरज चोपड़ा के भाले की 1.5 करोड़ रुपये की बोली

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर उनको मिले उपहारों की नीलामी की गई। नीरज चोपड़ा के भाले की बोली 1.5 करोड़ की लगी तो वहीं लवलीना के बॉक्सिंग ग्लव्स की नीलामी 1.9 करोड़ में हुई।

लवलीना के ग्लव्स और नीरज चोपड़ा का भाला। फोटो- एक्सप्रेस

प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौके पर उनको उपहार स्वरूप मिले सामानों की नीलामी की गई। ओलंपिक और पैरालंपिक में शामिल में शामिल खिलाड़ियों से मिले उनके स्पोर्ट्स इक्विपमेंट्स की बोली सबसे ऊँची लगी। इसमें ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन के ग्लव्स और नीरज चोपड़ा के भाले की सबसे ऊंची बोली लगाई गई।

लवलीना के ग्लव्स का बेस प्राइस 80 लाख रुपये रखा गया था और यह 1.92 करोड़ रुपये में नीलाम हुआ। वहीं ओलंपिक गोल्ड मेडल विजेता नीरज चोपड़ा का भाला 1.5 करोड़ रुपये में बिका। इसका बेस प्राइस 1 करोड़ रुपये रखा गया था। पैरलंपिक गोल्ड मेडल विजेता सुमित ऐंटिल के भाले की कीमत1 करोड़ 7 हजार रुपये लगाई गई। आधिकारी नीलामी वेबसाइट पर ये जानकारियां दी गई थीं।

जिन चीजों की नीलामी हुई उनमें 1300 आइटम शामिल हैं। इसमें पैरालंपिक शूटर अवनि लेखरा की टीशर्ट, टोक्यो ओलंपिक खिलाड़ियों के स्टोल वियरिंग, भवानी देवी की तलवार, महिला और पुरुष हॉकी टीम की स्टिक और पीवी सिंधु का रैकेट भी शामिल था। इसके साथ ही नोएडा के डीएम एलवाई सुहास का भी रैकेट इसमें शामिल किया गया था।

नीलामी शुरू होने के कुछ समय बाद ही एलवाई सुहास के रैकेट की बोली 10 करोड़ रुपये लगा दी गई। हालांकि इसका बेस प्राइस 50 लाख रुपये रखा गया था। थोड़ी ही देर में मंत्रालय ने यह बिड वेबसाइट से हटा दी। बताया गया कि यह फर्जी बोली थी।

खिलाड़ियों की चीजों के अलावा इस लिस्ट में राम मंदिर का एक रेप्लिका भी था जो कि सीएम योगी ने प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया था। इसमें उत्तराखंड के मुख्यमंत्री द्वारा दिया गया लकड़ी का चार धाम का रेप्लिका, वाराणसी के रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर का नमूना, जनरल बिपिन रावत द्वारा दिया गया विक्ट्री फ्लेम का ममेंटो शामिल था। इस नीलामी से मिले धन का इस्तेमाल नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा की सफाई के लिए किया जाएगा।

इससे पहले 2019 में इस तरह की नीलामी की गई थी। इसमें 2770 सामानों की बोली लगाई गई थी। इसमें पेंटिंग, स्कल्प्चर, शॉल, जैकेट और पारंपरिक वाद्य यंत्र शामिल थे।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट