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सोयाबीन-सूरजमुखी तेल के शुल्क मुक्त आयात को मंजूरी, चीनी निर्यात पर पाबंदी

सरकार ने 20-20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेलों के लिए शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है।

सरकार ने सालाना 20-20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल के आयात पर सीमा शुल्क तथा कृषि अवसंरचना उपकर को मार्च, 2024 तक हटाने की घोषणा की है। सरकार ने मंगलवार को चीनी के निर्यात पर एक जून से पाबंदी लगा दी, जिसका उद्देश्य घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता बढ़ाना और मूल्य वृद्धि को रोकना है।

वित्त मंत्रालय की तरफ से मंगलवार को जारी अधिसूचना के अनुसार सालाना 20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर वित्त वर्ष 2022-23 और 2023-24 में आयात शुल्क नहीं लगाया जाएगा। सरकार का मानना है आयात शुल्क में इस छूट से घरलू कीमतों में नरमी आएगी और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआइसी) ने एक ट्वीट में लिखा, ‘यह निर्णय उपभोक्ताओं को महत्त्वपूर्ण राहत प्रदान करेगा।’ इसका मतलब है कि 31 मार्च, 2024 तक कुल 80 लाख टन कच्चे सोयाबीन तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल का शुल्क मुक्त आयात किया जा सकेगा। इससे घरेलू स्तर पर कीमतों को नीचे लाने में मदद मिलेगी।

साल्वैट एक्सट्रैक्टर्स आफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने कहा कि सरकार के इस फैसले से सोयाबीन तेल के दाम तीन रुपए प्रति लीटर तक नीचे आएंगे।

सरकार ने 20-20 लाख टन कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेलों के लिए शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) संबंधी अधिसूचना जारी कर दी है। मेहता ने कहा कि टीआरक्यू के तहत सीमा शुल्क और 5.5 फीसद का कृषि अवसंरचना कर हट जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने तेल की बढ़ती कीमतों के बीच पिछले सप्ताह पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटाया था। साथ ही इस्पात और प्लास्टिक उद्योग में इस्तेमाल होने वाले कुछ कच्चे माल पर आयात शुल्क भी हटाने का निर्णय लिया था।

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