लोकसभा उपचुनाव प्रचार के लिए बुरहानपुर जा रहे कंप्यूटर बाबा की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, सभी सुरक्षित

हादसे के बाद बाबा जमीन पर ही लेट गए। बाबा का कहना है कि यह उन्हें मारने की साजिश थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए। बीजेपी सरकार उन्हें परेशान करने में लगी है।

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हादसे के बाद सड़क पर ही लेट गए कंप्यूटर बाबा। (फोटोः एजेंसी)

चुनावी दौरे पर जा रहे मध्य प्रदेश के कंप्यूटर बाबा की कार को इंदौर इच्छापुर हाइवे पर ग्राम झिरी के पास कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में कंप्यूटर बाबा बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और पीए को चोट आई है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कंप्यूटर बाबा खंडवा लोकसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने जा रहे थे।

कंप्यूटर बाबा साधु-संतों के साथ पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सभा में शामिल होने जा रहे थे। झिरी गांव के नजदीक तकरीबन साढ़े बारह बजे यह हादसा हुआ। कार में उनके साथ पांच लोग और सवार थे। बताया जाता है कि सामने से आ रहे ट्राले का पहिया पंक्चर हो गया और वह बाबा की कार से टकरा गया। हादसे के बाद बाबा जमीन पर ही लेट गए। बाबा का कहना है कि यह उन्हें मारने की साजिश थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच होनी चाहिए। बीजेपी सरकार उन्हें परेशान करने में लगी है।

कंप्यूटर बाबा बुरहानपुर के कालभैराव मंदिर से चुनावी प्रचार के लिए जोबट की तरफ जा रहे थे। हादसे में उनके ड्राइवर विवेक जोशी, पीए संदीप द्विवेदी व सथ में जा रहे जगदेव यादव को अस्पताल में दाखिल कराया गया है। उनके साथ जा रहे लोगों का कहना है कि वह कांग्रेस का प्रचार कर रहे है, इसलिए यह घटना हुई है। मामले की विवेचना कराई जाए तो सच सामने आ जाएगा। शिवराज सरकार उनकी लोकप्रियता से डर गई है।

कंप्यूटर बाबा का असली नाम नामदेव दास त्यागी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से उनकी खासी नजदीकी है। 2018 में पहली बार कंप्यूटर बाबा का नाम सुर्खियों में आया था। कंप्यूटर बाबा ने लोकसभा चुनाव में साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का विरोध किया था। दिग्विजय सिंह को जिताने के लिए उन्होंने यज्ञ भी किया था। हालांकि उस चुनाव में दिग्विजय सिंह बीजेपी की प्रज्ञा ठाकुर से बुरी तरह से चुनाव में हार गए थे।

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में एक लोकसभा और तीन असेंबली सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। हालांकि इनके नतीजों से बीजेपी की सरकार पर तो असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कांग्रेस इन उपचुनावों को राज्य में 2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों का सेमीफाइनल मान रही है। उधर, भाजपा भी उपचुनाव के नतीजों को शिवराज सरकार के कामकाज से जोड़कर देख रही है। दोनों पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। सरकार की सेहत पर जीत-हार से असर पड़े या ना, अलबत्ता उप चुनाव सरकार के कामकाज को लेकर जनता के मूड को दर्शाने जा रहे हैं।

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