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सख्त पर्यावरण नियमों से उद्यमियों की नींद उड़ी

बेहाल हो चुके रियल एस्टेट कारोबार पर भी सख्त निर्देशों का असर पड़ना शुरू। इस कड़ी में जहां कुछ दिनों पहले शहर में शुरू हुए निर्माण मलबा निस्तारण संयंत्र को बंद करना पड़ा है।

पर्यावरण सुरक्षा को लेकर सख्त नियमों से लापरवाही बरत रहे लोगों में बढ़ी बेचैनी।

कोरोना काल के दौरान वायु प्रदूषण को लेकर हुई सख्ती की चौतरफा मार से कारोबार के दोबारा पटरी पर आने की रफ्तार थमने की आशंका बढ़ गई है। कटौती मुक्त शहर की श्रेणी में शामिल नोएडा में बिजली कटौती, ट्रिपिंग की समस्या जारी है। ऐसे में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के चलते लगी डीजल जनरेटरों पर रोक से उद्यमी परेशान हैं।

वहीं, बेहाल हो चुके रियल एस्टेट कारोबार पर भी सख्त निर्देशों का असर पड़ना शुरू हो गया है। इस कड़ी में जहां कुछ दिनों पहले शहर में शुरू हुए निर्माण मलबा निस्तारण संयंत्र को बंद करना पड़ा है। वहीं, ग्रेटर नोएडा इलाके में राष्ट्रीय हरित पंचाट (एनजीटी) के आदेशों का उल्लंघन करने पर दो बिल्डर परियोजनाओं पर पांच-पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही नोएडा क्षेत्र में निर्माण सामग्री के खुले में पड़ा होने पर 42500 रुपए का जुर्माना लगा है।

वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमें निरीक्षण कर रही हैं। सुधार नहीं होने पर बड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। क्षेत्रवार प्रभारियों को प्रदूषण फैलाने वालों पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने टेकजोन-4 स्थित भूटानी इंफ्राटेक बिल्डरऔर बुलेवार्ड वॉक की परियोजना स्थल पर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन मिलने पर पांच-पांच लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। वहीं, सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र में दो भूखंडों पर निर्माण सामग्री और मिट्टी खुले में मिलने पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

बिजली निगम की बकाएदारों पर कार्रवाई जारी
राजस्व के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बिजली निगम की बकाएदारों पर कार्रवाई जारी है। मंगलवार से शुरू हुए अभियान में अब तक पांच हजार से अधिक बकाएदारों के कनेक्शन काटे जा चुके हैं। वहीं 1500 के करीब उपभोक्ताओं ने तीन करोड़ से अधिक का बकाया जमा कर दिया है। नोएडा जोन में करीब 50 हजार बकाएदार हैं जिन पर करीब 250 करोड़ रुपए का बकाया है। शुक्रवार को 887 कनेक्शन काटे गए जिन पर करीब 2.79 करोड़ का बकाया है।

बिजली कनेक्शन नहीं होने से संयंत्र में मलबे का निस्तारण बंद
सेक्टर-80 में बनाए गए संयंत्र में मलबे का निस्तारण बंद हो गया है। बिजली कनेक्शन नहीं होने की वजह से इसको बंद किया गया है। अभी तक इसे जनरेटर के जरिए चलाया जा रहा था। आगामी दिनों में बिजली का कनेक्शन लेकर मलबे का निस्तारण शुरू कराने का दावा किया गया है। गत 5 अक्तूबर को सी एंड डी संयंत्र को शुरू किया गया था।

यहां पर करीब 60 हजार टन मलबा इकट्ठा हो चुका है। इस प्लांट का संचालन करने वाली कंपनी की गाड़ियां अलग-अलग 20 स्थानों पर स्थित एकत्रीकरण केंद्र से मलबे को यहां पर लेकर आएंगी। एक फोन पर लोग मुफ्त में मलबा उठवा सकते हैं जबकि बड़े उत्पादकों को पैसा देना होगा। बताया गया है कि अभी संयंत्र में ठीक ढंग से मलबे का निस्तारण भी शुरू नहीं हो पाया था कि ग्रेप लागू होने के कारण इसको बंद करना पड़ा।

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