पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने इस साल होने वाली दुर्गा पूजा को लेकर सोमवार को कई बड़े फैसलों का ऐलान किया। इनमें 2017 में पिछली TMC सरकार द्वारा शुरू किए गए सालाना पूजा कार्निवल को रद्द करना और महाअष्टमी के दिन राज्यभर में शराब की बिक्री पर रोक लगाना शामिल है। हालांकि सरकार पूजा समितियों को पहले की तरह एक लाख रुपये तक की आर्थिक मदद देती रहेगी। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें लागू होंगी।

कोलकाता के मिलन मेला मैदान में दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में पहली दुर्गा पूजा के दौरान बड़े स्तर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, ड्रोन शो और आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने पूजा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और त्योहार की पारंपरिक पहचान को कायम रखने पर जोर दिया। उन्होंने पूजा समितियों से कहा कि मूर्तियों, पंडालों और पूजा की थीम के जरिए धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए और सनातन परंपराओं का भी सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि थीम आधारित पूजा की अनुमति रहेगी लेकिन आयोजकों को थीम चुनते समय ज्यादा सावधानी बरतनी होगी।

पूजा कार्निवल नहीं होगा

मुख्यमंत्री ने रेड रोड पर हर साल होने वाले पूजा कार्निवल को रद्द करने का ऐलान किया। यह कार्यक्रम दुर्गा पूजा को यूनेस्को से मिली विरासत की मान्यता के जश्न के तौर पर आयोजित किया जाता था।

अधिकारी ने कहा, ”पिछले कुछ सालों से दुर्गा पूजा के नाम पर जो कार्निवल थोपा जा रहा था, वह इस साल नहीं होगा। इसके बजाय राज्य का पर्यटन विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों का विभाग मिलकर ईडन गार्डन्स में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेगा।” उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में चार घंटे का ड्रोन और आतिशबाजी शो होगा। दुर्गा पूजा से पहले राज्यभर में कई अन्य कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, महालय के बाद समुद्र के किनारे बसे शहर दीघा में भी एक विशेष कार्यक्रम होगा। इसके अलावा राज्य के छह शहरों में दो दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विशेष महालया कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया जाएगा।

किन समितियों को नहीं मिलेगा अनुदान

पूजा समितियों को मिलने वाली आर्थिक मदद पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समितियां आर्थिक रूप से सक्षम हैं और जिनका बजट बड़ा है, उन्हें सरकारी सहायता नहीं लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा, ”सरकार उन पूजा समितियों के साथ खड़ी रहेगी जिनके लिए सरकारी मदद के बिना पूजा आयोजित करना मुश्किल होगा। मैंने पहले भी छोटे बजट वाली पूजा समितियों को सहायता देने की बात कही थी। लेकिन मैं आर्थिक रूप से सक्षम समितियों को भी सरकारी पैसा देने के लिए मुख्यमंत्री के अधिकार का इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं हूं।” उन्होंने कहा कि राज्य के हर पूजा पंडाल को दुर्गा पूजा के दौरान बिजली मुफ्त मिलेगी। पश्चिम बंगाल स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और CESC इसके लिए सहमत हो गए हैं।

इससे पहले जून में मुख्यमंत्री बनने के कुछ हफ्तों बाद भी अधिकारी ने कहा था कि जिन पूजा समितियों को सरकारी मदद की जरूरत नहीं है, उन्हें अनुदान देने की कोई जरूरत नहीं है।

महाअष्टमी पर शराब की बिक्री बंद

सोमवार की बैठक में मुख्यमंत्री ने त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था और धार्मिक भावनाओं को बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही।

इसके तहत महाअष्टमी के दिन पूरे पश्चिम बंगाल में शराब की सभी दुकानें और बार बंद रहेंगे। अधिकारी ने कहा, ”जिस दिन श्रद्धालु मां दुर्गा को महाअष्टमी की अंजलि देते हैं, उस दिन राज्य में शराब की सभी दुकानें बंद रहेंगी। बार में भी शराब उपलब्ध नहीं होगी। किसी भी स्थिति में उस दिन कहीं भी शराब नहीं बेची जाएगी।”

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब दुर्गा पूजा के दिनों में शराब की मांग आम तौर पर काफी ज्यादा रहती है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल सरकार को शराब की बिक्री से सबसे ज्यादा राजस्व महाअष्टमी और महानवमी के दिन मिलता है।

DJ और सड़कों पर पाबंदियां

सरकार ने दुर्गा पूजा और विसर्जन जुलूसों के दौरान DJ बजाने पर भी रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूजा के नाम पर सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों को बेवजह बंद करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों को किसी भी स्थिति में बंद नहीं किया जा सकता और पूजा के आयोजन के लिए सड़कों को भी बाधित नहीं किया जाना चाहिए।

कोलकाता में रेड रोड और कैथेड्रल रोड समेत 13 प्रमुख सड़कों को पूजा के दौरान बंद नहीं किया जाएगा।

समय से पहले पंडाल का उद्घाटन नहीं

पूजा समितियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि मातृपक्ष या देवीपक्ष शुरू होने से पहले पंडाल का उद्घाटन नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मूर्ति विसर्जन को कोजागरी लक्ष्मी पूजा से एक दिन पहले तक पूरा करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विसर्जन की तारीख को दबाव या धमकी के जरिए बदला नहीं जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन फैसलों को ‘सख्त पाबंदियां’ नहीं समझा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, सभी संबंधित पक्षों से व्यापक चर्चा के बाद ये फैसले लिए गए हैं।

गौर करने वाली बात है कि दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा वार्षिक त्योहार है। इस दौरान कोलकाता और राज्य के दूसरे हिस्सों में लाखों लोग पहुंचते हैं। पिछले कुछ वर्षों में यह त्योहार बड़े सांस्कृतिक और पर्यटन आयोजन के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। 2021 में यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) का दर्जा दिया था।

नवरात्रि में नॉनवेज भोजन ना करें, बागेश्वर वाले धीरेंद्र शास्त्री की अपील

बागेश्वर धाम के कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों कोलकाता में कथा कर रहे हैं। कथा के दौरान उन्होंने नवरात्रि और दुर्गा पूजा पंडालों को लेकर एक बयान दिया है। उन्होंने पंडालों के आसपास नॉनवेज भोजन बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए लोगों से नवरात्रि के दौरान ऐसा ना करने की अपील की।