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कांग्रेस नेता पी चिदंबरम बोले- मोदी सरकार की नीतियों की वजह से कश्मीर को लगभग खो चुका है भारत

पूर्व गृह मंत्री ने दावा किया कि कश्मीर के 70 लाख लोग केन्द्र की नीतियों से अपने आप को हिन्दुस्तान से कटा-कटा महसूस करने लगे हैं। लेकिन ये भारत सरकार की ओर से की जा रही एक 'खतरनाक' गलती है।

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम। ( File Photo)

कश्मीर पर पूर्व गृह मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिंदबरम ने सनसनीखेज बयान दिया है। हैदराबाद में उन्होंने कहा कि, ‘मुझे भारी मन से कहना पड़ रहा है कि भारत कश्मीर को खो चुका है, क्योंकि केन्द्र की मोदी सरकार घाटी में असंतोष को दबाने के लिए ताक़त का इस्तेमाल कर रही है’। पी चिंदबरम हैदराबाद में देश के अहम मुद्दों पर बहस का आयोजन करने वाली संस्था ‘मंथन’ की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।  चिदंबरम यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि, ‘ उन्हें डर है कि कश्मीर में हिंसा का दौर आगे भी बढ़ेगा अगर केन्द्र सरकार अपनी ओर से कुछ सुधारात्मक कदम नहीं उठाती है’।

चिदंबरम ने कहा कि साल 2010 में घाटी हिंसा के चक्र से गुजर रही थी लेकिन उस दौर में UPA सरकार ने कई कदम उठाए थे। चिदंबरम के मुताबिक उस समय सुरक्षा मामलों  की कैबिनेट कमिटी ने कई उपाय सुझाये थे, मनमोहन सरकार ने घाटी में इन उपायों को लागू किया था इसके बाद हिंसा में आश्चर्यजनक रुप से कमी आई थी। चिदंबरम ने बताया कि केन्द्र में बीजेपी की सरकार आने के बाद कश्मीर में हिंसा का ग्राफ लगातार बढ़ा है।

पूर्व गृह मंत्री ने दावा किया कि कश्मीर के 70 लाख लोग केन्द्र की नीतियों से अपने आप को हिन्दुस्तान से कटा-कटा महसूस करने लगे हैं। लेकिन ये भारत सरकार की ओर से की जा रही एक ‘खतरनाक’ गलती है। चिदंबरम में अपने भाषण के दौरान आर्मी चीफ बिपिन रावत के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीर में जो कोई भी सेना के ऑपरेशन में गतिरोध पैदा करेगा उसे राष्ट्र विरोधी माना जाएगा। और सेना ऐसे लोगों को जवाब देगी। चिदंबरम ने कहा कि घाटी के लोगों का विश्वास खोने की दिशा में ये बयान अंतिम प्रहार साबित हुआ।

केन्द्र सरकार में वरिष्ठ मंत्री वेंकैया नायडु ने पी चिदंबरम के इस बयान पर करारा हमला किया है, और इसे  आश्चर्यजनक बताया है।  नायडु ने कहा कि चिदंबरम के बयान गैर जिम्मेदराना हैं। नायडु के मुताबिक सत्ता से बाहर होने के बाद कांग्रेस बिना पानी के मछली जैसी फड़फड़ा रही है।

चिदंबरम ने देश के दूसरे इलाक़ों में भी समाज में बढ़ती खाई का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से विभाजनकारी ताक़तें समाज में अपनी जड़ें जमाती जा रही हैं।

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