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सीताराम येचुरी ने डीयू मार्च में लिया हिस्सा, कहा- भारतीयता हमारा राष्ट्रवाद है, न कि हिंदुत्व

एबीवीपी के खिलाफ हुए प्रदर्शन में छात्रों 'एबीवीपी गो बैक' और 'आजादी' के नारे लगाए।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी। ( Photo Source: PTI/File)

रामजस कॉलेज में एक सेमिनार को लेकर हुई हिंसक झड़प के बाद पैदा हुआ विवाद अभी खत्म नहीं हुआ। सैकड़ों छात्रों और अध्यपकों ने मंगलवार को दिल्ली यूनिवर्सिटी में इस हिंसक झड़प के विरोध में प्रदर्शन किया। एबीवीपी के खिलाफ इस प्रदर्शन में दिल्ली यूनिवर्सिटी, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी और जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों ने हिस्सा लिया। 22 फरवरी को रामजस में हुई हिंसक झड़प का आरोप अखिल भारतीय विधार्थी परिषद पर है। प्रदर्शन कर रहे छात्र ‘एबीवीपी गो बैक’ और ‘आजादी’ के नारे लगा रहे थे। यह प्रदर्शन नॉर्थ कैम्पस से लेकर आर्ट फैकल्टी बिल्डिंग की तरफ निकाला गया।

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया। प्रदर्शन में येचुरी ने कहा, ‘हमारा राष्ट्रवाद है कि ‘हम भारतीय हैं’ ना कि ‘हिंदू कौन है’। वहीं डी राजा ने कहा कि हम लोग इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे।

इसके अलावा येचुरी ने फेसबुक पर भी आरएसएस और भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा, ‘यह माना जाता है कि संविधान की सौगंध के तहत मंत्री कानून का शासन सुनिश्चित करेंगे, लेकिन मंत्रियों की मौजूदा जमात ऐसा करने के बजाए उनके समर्थन में कूद पड़ी जिन्होंने 20 साल की एक लड़की को धमकी दी और उसका अपमान किया है।”

इसके साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है, ‘संघ परिवार को अपने तर्क में विश्वास नहीं है। उसके द्वारा हिंसा की धमकी विचारों के खिलाफ एकमात्र हथियार है। यह व्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में है, जिसकी गारंटी हम सभी को हमारा संविधान देता है। वे (आरएसएस) अपने प्रतिगामी विचारों को आपके पहनावे, भोजन, देखने, करने और आपके जीवन जीने की शैली पर थोपना चाहते हैं।’

एबीवीपी के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्र। (Photo Source: REUTERS)

येचुरी ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू पर भी निशाना साधा है। रिजिजू ने कहा था कि वामपंथी लोग भारतीय जवानों के शहीद होने पर जश्न मनाते हैं। इस पर येचुरी ने ट्वीट किया, ‘महात्मा गांधी के मारे जाने के बाद किसने जश्न मनाया था।’ इसके बाद उन्होंने आरएसएस के तत्कालीन सरसंघचालकएम. एस.गोलवलकर से तत्कालीन केंद्रीय गृहमंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा कही गई इस बात को उद्धृत किया, ‘गांधी जी की मौत पर आरएसएस के लोगों ने खुशियां मनाईं और मिठाइयां बाटीं।’

प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस अधिकारी से बहस करता छात्र। (Photo Source: REUTERS)

बता दें, दिल्ली विश्वविद्यालय में बीते बुधवार को एबीवीपी और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई थी। इस घटना के एक दिन पहले ही एबीवीपी ने रामजस कॉलेज में आयोजित उस संगोष्ठी को जबरन रद्द करा दिया था, जिसमें जेएनयू के छात्र उमर खालिद को आमंत्रित किया गया था।

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