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शराब, सिगरेट की जगह धड़ल्‍ले से गांजा, चरस, हेरोइन का नशा कर रहे हैं भारतीय, 63 फीसदी बढ़ गई बरामदगी

वहीं गांजा, हेराइन, क्रिस्‍टल मेथ, एलएसडी और कोकीन आदि के लति हो चुके लोग इनके कई फायदों की वकालत करते हैं, दूसरी ओर डॉक्‍टर और शोधकर्ता इस बात से इत्‍तेफाक नहीं रखते हैं।

हाल ही में किए गए शोध में पता चला है कि पंजाब के 70 फीसदी युवा ड्रग्स का सेवन करते हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

दुनियाभर के युवाओं को नशे की गिरफ्त में लेने के बाद जानलेवा मादक पदार्थों ने भारत के युवाओं पर भी अपनी पकड़ बना ली है। हाल ही में किए गए शोध में पता चला है कि पंजाब के 70 फीसदी युवा ड्रग्स का सेवन करते हैं। लेकिन, यह सिर्फ एक शहर की समस्या नही है बल्कि इसके गिरफ्त में कई राज्य आ चुके हैं। रिपोर्ट्स की माने तो पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, उड़ीसा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश के अलावा गुजरात और राजस्थान भी नशे की चपेट में है। इन राज्यों के युवा भारी मात्रा में शराब, सिगरेट, गांजा, हेरोइन और मेथ का सेवन करते हैं। अभी हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में इसी समस्या को दिखाया गया था।

वहीं गांजा, हेराइन, क्रिस्‍टल मेथ, एलएसडी और कोकीन आदि के लति हो चुके लोग इनके कई फायदों की वकालत करते हैं, वहीं दूसरी ओर डॉक्‍टर और शोधकर्ता इस बात से इत्‍तेफाक नहीं रखते हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि ड्रग्‍स लेने वाला इंसान डिप्रेशन, फेफड़ों की बीमारी, दिल का दौरा, कैंसर मतिभ्रम और आखिर में मौत का सामना करता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि नशे के आदि हो चुके लोग हशीश, कैनाबिस या गांजा को बड़ी कीमत में खरीदते हैं। इसकी भारत में काफी डिमांड है। लोग इसकी तुलना ड्रग्स से नहीं करते हैं, क्योंकि इसका सेवन करने में उन्हें बहुत आनंद आता है। हालांकि, लंबे समय तक इसका सेवन करने से फेफड़े की बिमारी पैदा हो सकती है।

1 हेरोइन – सूंघकर और पाउडर के रूप में सेवन किया जाता है।

2 चरस – घास (मारिजुआना) – इसे सिगरेट की तरह इस्तेमाल किया जाता है।

3 मेफेड्रोन – टैबलेट्स, पावडर या इंजेक्शन के जरिए ले सकते हैं। इसका असर बिल्कुल वैसा ही होता है जैसा कोकीन का होता है। लेकिन कोकीन से कहीं जल्दी ये दिमाग की नसों पर असर डालता है और इसे लेने वाला इंसान मदहोश होने लगता है। कोकीन के मुकाबले इसकी कीमत भी बेहद कम है।

4 मेथाक्लॉन – यह गोलियों के रूप में उपलब्ध होता है।

5 क्रिस्टल मेथ – मेथेम्फेटामाईन सीधा दिमाग पर असर करता है। इसे लेने से शरीर की उर्जा और गतिविधियां बढ़ती है। इससे आत्मविश्वास और स्वस्थ्य होने का एहसास भी होता है। यह अवैध तरीके से बनाई जाती है और दुनिया भर में बेची जाती है। गौरतलब है कि क्रिस्टल मेथ की लत आसानी से नहीं छूटती है।

6 पॉपी ह्सक – इसका सिरिंज के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

7 फेडराइन – फेडराइन गोलियों के रुप में उपलब्ध होता है।

8 गांजा – भांग के पौधे के सूखे पत्ते के रूप में उपलब्ध है। आमतौर पर मारिजुआना के रूप में जाना जाता है।

9 कौडीन – एक नशा सिरप है। लोग इसको खांसी और दस्त में इलाज करने के लिए पी रहे हैं।

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