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ड्रोन हमले पर भाजपा सांसद ने पूछा, जवाब देना चाहिए या बस रोती रहे मोदी सरकार?

भारतीय वायुसेना स्टेशन पर रविवार तड़के हुए अपनी तरह के ऐसे पहले आतंकवादी हमले की जांच एनआईए को सौंपी जा चुकी है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य सुब्रमण्यम स्वामी। (फोटो इंडियन एक्सप्रेस)

जम्मू हवाई अड्डा परिसर में स्थित वायु सेना स्टेशन पर हाल ही में हुए ड्रोन हमले को लेकर बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर सवाल किया कि इस हमले का हमें जवाब देना चाहिए या मोदी सरकार को रोते रहना चाहिए? मालूम हो कि एक ट्विटर यूजर ने इस हमले को लेकर बीजेपी सांसद से सवाल किया था। जिसके जवाब में स्वामी ने ये ट्वीट किया।

जानकारी दे दें कि इस हमले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने संभाल ली। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। भारतीय वायुसेना स्टेशन पर रविवार तड़के हुए अपनी तरह के ऐसे पहले आतंकवादी हमले की जांच एनआईए को सौंपने का फैसला गृह मंत्रालय ने किया। गृह मंत्रालय के आदेश के अनुरूप एनआईए ने कहा कि उसने 27 जून की तारीख में सतवारी थाने में पुन: मामला पंजीकृत किया है। एजेंसी के प्रवक्ता ने बताया कि एनआईए जम्मू में विस्फोटक तत्व अधिनियम, गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की अनेक धाराओं तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मामला दर्ज किया गया है।


प्रवक्ता ने कहा कि मामला जम्मू के वायु सेना केंद्र, सतवारी परिसर के अंदर एक विस्फोट तथा उसके करीब छह मिनट बाद एक और विस्फोट होने से संबंधित है। जम्मू में भारतीय वायु सेना के स्टेशन पर शनिवार देर रात दो ड्रोन से विस्फोटक गिराए गए थे, जिसमें दो जवान मामूली रूप से घायल हो गए थे। पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों का देश के किसी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान पर इस तरह का यह पहला ड्रोन हमला है।

पहला विस्फोट शनिवार देर रात एक बजकर 40 मिनट के आसपास हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट उसके छह मिनट बाद हुआ। पहले धमाके में शहर के बाहरी सतवारी इलाके में भारतीय वायुसेना द्वारा संचालित हवाई अड्डे के उच्च सुरक्षा वाले तकनीकी क्षेत्र में एक मंजिला इमारत की छत को नुकसान हुआ, जबकि दूसरा विस्फोट जमीन पर हुआ।

एनआईए प्रवक्ता ने कहा, ‘‘एनआईए घटना के फौरन बाद से अन्य एजेंसियों के साथ काम कर रही है, वहीं पुन: मामला पंजीकृत करने के साथ ही मामले की त्वरित जांच के लिए कानून के मुताबिक आवश्यक कदम उठाये गये हैं।’’ इससे पहले आज दिन में दिल्ली में गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया था कि हमले के मामले में जांच का काम एनआईए को सौंप दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि ड्रोन द्वारा गिराई गई विस्फोटक सामग्री आरडीएक्स और अन्य रसायनों के मिश्रण का उपयोग कर बनायी गई हो सकती है, लेकिन इस बारे में अंतिम पुष्टि होने का इंतजार है। जांचकर्ताओं ने हवाई अड्डे की चाहरदीवारी पर लगे कैमरों सहित सीसीटीवी फुटेज खंगाला है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन कहां से आए थे। हालांकि सभी सीसीटीवी कैमरे सड़क की ओर लगे थे।

अधिकारियों ने कहा कि ड्रोन ने विस्फोटक सामग्री गिराई और वे रात के दौरान या तो सीमा पार या किसी अन्य स्थान की ओर चले गए। जम्मू हवाई अड्डे और अंतरराष्ट्रीय सीमा के बीच हवाई दूरी 14 किलोमीटर है।

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