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काशी विश्वनाथ में लागू होगा ड्रेस कोड, जींस-पैंट में शिवभक्त नहीं कर सकेंगे शिवलिंग स्पर्श

नई व्यवस्था लागू होने के बाद श्रद्धालु जिंस-पैंट पहनकर बाबा विश्वनाथ का स्पर्श नहीं कर सकेंगे।

गंगा स्नान के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा करने जाते श्रद्धालु (Express FILE Photo by Anand Singh)

भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक यूपी के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर में जल्द ही भक्तों के लिए ड्रेस कोड लागू हो जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पैंट-शर्ट पहनने श्रद्धालु वे दर्शन तो कर सकेंगे, मगर वह शिवलिंग को स्पर्श नहीं कर सकेंगे। यह फैसला रविवार को मंदिर बोर्ड परिषद की बैठक में लिया गया है।

टीवी रिपोर्ट्स में इसी बाबत कहा गया कि जल्द ही इसे अमल में भी लाया जाएगा। हालांकि, मंदिर की ओर से इस संबंध में किसी तारीख का ऐलान नहीं किया गया है, पर उम्मीद की जा रही है कि ड्रेस कोड सिस्टम का इसी शिवरात्रि से पालन होने लगेगा।  टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, ड्रेस कोड का पालन करने वाले भक्त ही शिवलिंग को छू सकेंगे।

काशी विश्‍वनाथ मंदिर में स्‍पर्श दर्शन के लिए ड्रेस कोड लागू होने के साथ ही दर्शन का समय भी बढ़ाया जा रहा है। इसका निर्णय रविवार को मंदिर प्रशासन और काशी विद्वत परिषद के विद्वानों की हुई बैठक में लिया गया। मंदिर में मंगला आरती के बाद से मध्याह्न भोग आरती तक बाबा के दरस-परस यानी दर्शन और स्पर्श सुविधा मिलेगी। धोती-कुर्ता पहने पुरुष व साड़़ी पहनी महिलाओं को ही ऐसा करने का मौका मिलेगा।

बैठक में कहा गया कि स्पर्श-दर्शन मध्याह्न आरती से पहले 11 बजे तक किया जा सकता है। इससे अधिक से अधिक श्रद्धालु बाबा का स्पर्श-दर्शन कर सकेंगे लेकिन इसके लिए एक विशेष प्रकार का वस्त्र निर्धारित होना चाहिए। इसमें पुरुषों को धोती-कुर्ता व महिलाओं को साड़ी पहनने का नियम बनना चाहिए। पैंट-शर्ट, जींस-टीशर्ट, सूट-टाई-कोर्ट आदि पहनावे पर सिर्फ दर्शन की सुविधा दी जा सकती है। ऐसी ही व्यवस्था उज्जैन के महाकाल मंदिर समेत दक्षिण भारत के कई प्रसिद्ध मंदिरों में लागू है।

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