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कोरोना से लड़ते हुए भी लोगों की जान बचा रहे थे डॉ.केके अग्रवाल, ‘जुगाड़ू OPD’ का कॉन्सेप्ट दे बोले थे- द शो मस्ट गो ऑन…

अस्पताल में जब उनके मुंह पर ऑक्सीजन पाइप लगी हुई थी फिर भी मरीजों को सलाह दे रहे थे। अग्रवाल अपने प्रोफेशन में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए मशहूर थे।

पदमश्री से सम्मानित डॉक्टर केके अग्रवाल का कोरोना से निधन हो गया (एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

पद्म श्री से सम्मानित जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. के.के. अग्रवाल का कारण निधन हो गया। के.के. अग्रवाल के निधन से पूरा देश मर्माहत है। उन्होंने 28 अप्रैल को जानकारी दी थी कि वो कोरोना संक्रमित हो गये हैं। संक्रमित होने के बाद भी उन्होंने लोगों को लगातार कोरोना से बचने और उसके इलाज के लिए एजुकेट किया था।

अस्पताल में भर्ती होने से पहले तक उन्होंने चिकित्सक होने के कर्तव्य को पूरा किया। वो लगातार ऑनलाइन मरीजों की परेशानियों को सुलझा रहे थे। अस्पताल में जब उनके मुंह पर ऑक्सीजन पाइप लगी हुई थी फिर भी मरीजों को सलाह दे रहे थे। अग्रवाल अपने प्रोफेशन में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए मशहूर थे। हार्ट केयर फाउंडेशन ऑफ इंडिया के जरिए उन्होंने हजारों लोगों की मदद की। ‘जुगाड़ू OPD’ का कॉन्सेप्ट उन्होंने दिया था।

अपने यूट्यूब चैनल पर डॉ. अग्रवाल लगातार कोरोना संक्रमण के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ लोगों को इस संकट से निकलने में मदद कर रहे थे। उन्होंने कहा था कि द शो मस्ट गो ऑन। साथ ही उन्होंने डॉक्टरों से निवेदन किया था कि 100-100 मरीजों को जूम पर एक साथ देख लें। इस माध्यम से आप 15 मिनट में 100 लोगों को समझा सकते हैं। हालात के अनुसार आप अपने ओपीडी को ‘जुगाड़ू ओपीडी’ में बदल दें।

उनके निधन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह समूचे देश के लिए एक बड़ा नुकसान बताया है। केजरीवाल ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘डॉ. के. के. अग्रवाल का निधन पूरे देश के लिए बड़ी क्षति है। उन्होंने जीवन भर गरीबों, वंचितों के स्वास्थ्य अधिकारों के लिए काम किया। वह बहुत अच्छे इंसान थे।’’

बीजेपी प्रवक्ता संबिंत पात्रा ने कहा कि उनके निधन से चिकित्सा क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। , ‘डॉ. अग्रवाल अपनी दरियादिली के लिए विख्यात थे। वह सद्गति को प्राप्त करें। ओम शांति।’ देश के हर वर्ग के लोग उनके निधन पर दुखी हैं। आईएमए ने एक ट्वीट में कहा  है कि डॉ. के. के. अग्रवाल बहुत बड़ी शख्सियत थे और जन शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में उन्होंने महत्वपूर्ण काम किया। महामारी के दौरान भी हम सबका मार्गदर्शन करते हुए उन्होंने लाखों लोगों की सेवा की। उनके जाने से आईएमए को अपूरणीय क्षति हुई है।

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