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व्यक्तित्व, ख्वाला अलरोमेथी : तीन दिन में सात महाद्वीपों की यात्रा

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने अपनी वेबसाइट पर मुस्कुराती हुई ख्वाला के कई फोटो डाले हैं। दुनिया की विभिन्न खूबसूरत जगह के सामने खड़े होकर हिजाब पहने ख्वाला की तस्वीरें गिनीज बुक ने सोशल मीडिया पर भी जारी किए हैं। ख्वाला के मुताबिक, तीन दिन में इतना लंबा सफर करना बिल्कुल आसान नहीं था। वे कहती हैं इस काम में बहुत धैर्य की जरूरत होती है। ख्वाला के अनुसार, अगर महिलाओं को प्रेरित किया जाए तो उनके लिए कुछ भी करना मुश्किल नहीं है।

Recordख्वाला अलरोमेथी ने रचा इतिहास। फाइल फोटो।

संयुक्त अरब अमीरात की रहने वाली डॉ. ख्वाला अलरोमेथी दुनिया की पहली ऐसी महिला बन गई हैं, जिन्होंने तीन दिन, 14 घंटे, 46 मिनट और 48 सेकंड में सात महाद्वीपों की यात्रा कर रेकॉर्ड बनाया है। ख्वाला के इस रेकॉर्ड की घोषणा गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड डे के अवसर पर हुई। ख्वाला की यह यात्रा 13 फरवरी को पूरी हुई। कोरोना महामारी का दौर शुरू होने से पहले वे अपनी यात्रा पूरी कर चुकी थीं। गिनीज बुक ने अब उन्हें प्रमाणित किया है। ख्वाला ने यह सफर विभिन्न देशों की संस्कृति को जानने के लिए किया। वे ये साबित करना चाहती हैं कि अरब के लोग भी अन्य देशों की तरह रेकॉर्ड कायम कर सकते हैं।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने अपनी वेबसाइट पर मुस्कुराती हुई ख्वाला के कई फोटो डाले हैं। दुनिया की विभिन्न खूबसूरत जगह के सामने खड़े होकर हिजाब पहने ख्वाला की तस्वीरें गिनीज बुक ने सोशल मीडिया पर भी जारी किए हैं। ख्वाला के मुताबिक, तीन दिन में इतना लंबा सफर करना बिल्कुल आसान नहीं था। वे कहती हैं इस काम में बहुत धैर्य की जरूरत होती है। ख्वाला के अनुसार, अगर महिलाओं को प्रेरित किया जाए तो उनके लिए कुछ भी करना मुश्किल नहीं है।

वे जो चाहे कर सकती हैं। वे अपनी इस कामयाबी का श्रेय दोस्तों और अपने परिवार को देती हैं। ख्वाला को मिला गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड उन्होंने अपने देश और समाज को समर्पित किया है। वे चाहती हैं कि उनके काम से प्रेरित होकर अधिकांश लोग इस तरह की यात्रा करने के लिए प्रेरित हों।

ख्वाला की कामयाबी से प्रेरित नासिक के 18 साल के साइक्लिस्ट ने हाल में कमाल किया है। उन्होंने साइकिल से आठ दिन में कश्मीर से कन्याकुमारी की अपनी यात्रा पूरी की। साइक्लिस्ट ओम महाजन ने श्रीनगर से कन्याकुमारी तक की 3,600 किमी की दूरी शनिवार दोपहर आठ दिन सात घंटे 38 मिनट में पूरी कर रेकॉर्ड बनाया।

ओम ने कन्याकुमारी पहुंचने के बाद मीडिया से कहा कि मैं हमेशा साइक्लिंग करना चाहता था। पूर्णबंदी शुरू होने के बाद मैंने ‘एंड्योरेंस साइक्लिंग’ और आरएएएम (अमेरिका में रेस) में हिस्सा लेने का सपना देखना शुरू किया। उन्होंने कहा कि छह महीने पहले, मैंने आरएएएम के लिए क्वालीफायर के लिए प्रशिक्षण लेना शुरू किया, जो नवंबर में होनी थी।
लेकिन 600 किलोमीटर क्वालीफायर के बजाय ओम ने ‘रेस एक्रोस इंडिया’ (भारत में रेस) करने का फैसला किया।

उन्होंने पिछले हफ्ते श्रीनगर की ठंडी रात से शुरुआत करते हुए कन्याकुमारी तक का सफर पूरा किया। इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश में भारी बारिश और दक्षिण में भीषण गर्मी का सामना किया। ओम के मुताबिक, तैयारियों के दौरान डॉ. ख्वाला की कामयाबी का समाचार पढ़ा और जोश दोगुना हो गया।

श्रीनगर से कन्याकुमारी तक सबसे तेज साइकिल चलाने का रेकॉर्ड उनके चाचा महेंद्र महाजन के नाम था। लेकिन हाल में भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल भरत पन्नू ने इस दूरी को आठ दिन नौ घंटे में पूरी कर इस रिकार्ड को तोड़ दिया था। हालांकि इसे गिनिज बुक में शामिल करना बाकी था। ओम महाजन ने पन्नू के रेकॉर्ड पर निगाहें टिकाईं और इसे तोड़ा।

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