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जनसत्ता संवाद: आई फेन – कोरोना पर चीन की पोल खोलने वाली डॉक्टर

डॉ. आई फेन ने चीनी की मैगजीन रेनवू को एक इंटरव्यू में ये सारी बातें बताईं। डॉ. फेन वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल में आपातकालीन विभाग की निदेशक हैं। डॉ. फेन ने बताया कि उन्हें धमकाया गया था कि अगर आप इस विषाणु के बारे में किसी से भी बात करेंगी तो अंजाम बेहद बुरा होगा।

Author Published on: March 24, 2020 1:47 AM
कोविड-19 कोरोना विषाणु को खोजने वाले डॉक्टरों में से एक आई फेन ने चीन के सरकारी तंत्र को लेकर बड़ा खुलासा किया है।

कोरोना विषाणु के संक्रमण को लेकर गफलत किस स्तर पर हुई और कहां हुई, इस बारे में अब जाकर सबसे खतरनाक खुलासा हुआ है। यह सामने आने लगा है कि चीन के वुहान से ही कोरोना विषाणु फैला था। तब चीनी चिकित्सकों ने पता भी कर लिया था कि यह विषाणु अलग है, जानलेवा और खतरनाक है और ये बहुत तेजी से फैलेगा, लेकिन चीन की सरकार और अधिकारियों ने डॉक्टरों को कुछ भी बोलने से मना कर दिया था।

वुहान में जिस डॉक्टर ने सबसे पहले इस विषाणु की बात की, उसकी मौत हो गई और चौंकाने वाली बात तो यह है कि विषाणु फैलने के बाद से कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। कोविड-19 कोरोना विषाणु को खोजने वाले डॉक्टरों में से एक आई फेन ने चीन के सरकारी तंत्र को लेकर बड़ा एक खुलासा किया है। वुहान की डॉक्टर आई फेन ने कहा मेरे कई साथी इस बीमारी से ग्रसित लोगों का इलाज करते वक्त मर गए, लेकिन दिसंबर में जब हमने इस विषाणु के बारे में आला सरकारी अधिकारियों को बताया तो हमें चुप रहने को कहा गया था।

डॉ. आई फेन ने चीनी की मैगजीन रेनवू को एक इंटरव्यू में ये सारी बातें बताईं। डॉ. फेन वुहान सेंट्रल हॉस्पिटल में आपातकालीन विभाग की निदेशक हैं। डॉ. फेन ने बताया कि उन्हें धमकाया गया था कि अगर आप इस विषाणु के बारे में किसी से भी बात करेंगी तो अंजाम बेहद बुरा होगा। रिपोर्ट के मुताबिक उनके साथी और इस मामले को सोशल मीडिया पर उठाने वाले डॉक्टर अभी जेल में हैं।

इंटरव्यू में डॉ. फेन ने बताया कि मुझे यह पता होता कि यह विषाणु इतने लोगों की जान ले लेगा तो मैं चुप नहीं बैठती। मैं पूरी दुनिया में ये बात सभी को बताती। जिस भी माध्यम से कह पाती मैं ये जानकारी सभी को देती। फिर चाहे मुझे कोई जेल में ही क्यों न डाल देता।

यह इंटरव्यू दुनिया भर में वायरल हो रहा है। इसके बाद चीन की सरकार के दबाव में रेनवू ने अपनी साइट से यह इंटरव्यू हटा दिया है। चीन की सोशल मीडिया साइट्स पर से भी डॉ. फेन का इंटरव्यू गायब हो गया है, लेकिन कुछ लोगों ने इसके स्क्रीनशॉट्स ले लिए थे। अब डॉ. फेन का इंटरव्यू इमोजी और मोर्स कोड में बदलकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है।

डॉ. फेन के मुताबिक, 30 दिसंबर को प्रयोगशाला में पता चला कि यह विषाणु सार्स कोरोना विषाणु जैसा है। डॉ. फेन ने रिपोर्ट की तस्वीर लेकर अपने वरिष्ठों और सरकारी अधिकारियों को भेजी। शाम तक यह तस्वीर वुहान के सभी डॉक्टरों के पास पहुंच गई। डॉक्टर ली वेनलियांग ने इसे सोशल मीडिया पर डालकर दुनिया भर को बताया कि नया कोरोना विषाणु फैल रहा है। रात में अस्पताल प्रबंधन का मैसेज आया कि डॉक्टर फेन आप इस बीमारी के बारे में किसी को नहीं बताएंगी। दो दिन बाद उन्हें धमकी दी गई।

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