ताज़ा खबर
 

पाकिस्‍तानी हिंदुओं का मोदी सरकार से सवाल- अदनान सामी से ही प्‍यार क्‍यों? हमें भी दो नागरिकता

1998 में पाकिस्तान से भारत आए फलक राम समेत कई लोगों ने कहा कि वे सालों से भारत में रह रहे हैं, लेकिन उन्‍हें अभी तक भारत की नागरिकता नहीं दी गई है।

लंदन यूनिवर्सिटी से जॉर्नलिज्म और पोल्टिकल साइंस में ग्रेजुएशन करने वाले अदनाम स्वामी ने एलएलबी की डिग्री भी हासिल की है। अदनान को संगीत से प्यार था। वे नहज साल की उम्र में पियानो बजाना सीख गए थे। अदनान को 35 म्यूजिकल इंस्ट्रुमेंट्स की पूरी नोलेज है। संगीत में तो उन्होंने अपना झंजा गाड़ा लेकिन अपनी निजी जिंदगी में वे काफी निराश रहे। अदनान की 4 शादियां हुई हैं, जिसमें से तीन शादियां उनकी सफल नहीं हुई।

पंजाब में रहने वाले पाकिस्तान के कई हिंदू और मुस्लिमों को भारत की सिटिजनशिप मिलने का इंतजार कर रहे हैं। शुक्रवार को अदनान सामी को भारतीय नागरिकता मिलने के बाद इन लोगों ने कहा, ‘जब सिंगर को सिटिजनशिप मिल सकती है तो हमें क्यों नहीं?’ मुताबिक 312 पाकिस्तानी हिंदू जालंधर और पठानकोट में रह रहे हैं। 220 से ज्यादा से अकेले जालंधर में रह रहे हैं।

‘चंडीगढ़ ट्रिब्‍यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, फलक राम 1998 में भारत आए थे। यहां आकर उन्होंने भारतीय महिला से शादी कर ली। अब वह एक सर्जिकल फैक्ट्री में काम कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह वीजा एक्सटेंशन चाहते हैं। हमारा पासपोर्ट कई साल पहले एक्सपायर्ड हो चुका है।

फलक राम ने कहा, ‘मैंने 2005 में सिटिजनशिप के लिए अप्लाई किया था, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान से आए कला राम ने कहा कि हम लोग क्यों अभी तक सिटिजनशिप का इंतजार कर रहे हैं? जब तक हमें भारतीय नागरिकता नहीं मिलेगी, हमारे सपने भी पूरे नहीं होंगे। अहमदिया समुदाय की कई महिलाएं पंजाब के गुरदासपुर के कादियां में करीब 20 साल से रह रही हैं। इन महिलाओं ने भारतीय पुरुषों से शादी की है, लेकिन इनके पास भारतीय नागरिकता नहीं है।

पाकिस्तान के फैसलाबाद की रहने वाली ताहिरा जहूर ने बताया कि 2003 में उनकी शादी भारत चौधरी मकबूल से हुई। वह सारी कागजी कार्यवाही पूरी कर चुकी हैं, लेकिन उन्‍हें भारत की नागरिकता नहीं मिल रही है। जहूर ने कहा कि उन्‍हें इस बात की हैरानी कि भारत सरकार ने अदनान सामी से ज्यादा प्यार दिखाया। उन्‍होंने बताया कि वह 12 साल से भारत में रह रही हैं, लेकिन उन्‍हें कहीं जाने की इजाजत नहीं है। यह एक तरह से घर में कैद करने जैसा है। ताहिरा के पति मकबूल ने बताया कि वे दोनों नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन और यूएन से भी मदद की गुहार लगा चुके हैं।

Read Also:

पाकिस्‍तानी से हिंदुस्‍तानी बने अदनान ने मोदी को कहा थैंक्‍स, तिरंगे वाली फोटो ट्वीट कर कहा- जय हिंद

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App