अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सोमवार को बात की है और फिर भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ से घटाकर 18 फीसदी कर दी। ऐलान से थोड़ी देर भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियों गोर ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बात की है। सर्जियों गोर ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है।
पोस्ट में क्या लिखा?
उन्होंने एक्स पर लिखा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। आगे की जानकारी के लिए साथ बने रहें।’
इसके कुछ देर बाद ही डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल ट्रुथ पर घोषणा की कि वह भारत पर अब 18 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, “प्रधानमंत्री मोदी से बात करना मेरे लिए सम्मान की बात थी। वह मेरे सबसे अच्छे दोस्तों में से एक हैं और अपने देश के एक शक्तिशाली और सम्मानित नेता हैं। हमने कई बातों पर बात की, जिसमें व्यापार और रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म करना शामिल है। वह रूसी तेल खरीदना बंद करने और संयुक्त राज्य अमेरिका और, शायद, वेनेजुएला से बहुत ज़्यादा खरीदने पर सहमत हुए। इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने में मदद मिलेगी, जिसमें हर हफ़्ते हज़ारों लोग मर रहे हैं!”
आगे लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी के साथ दोस्ती और सम्मान के नाते और उनके अनुरोध पर, तुरंत प्रभाव से, हम संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमत हुए, जिसके तहत संयुक्त राज्य अमेरिका एक कम पारस्परिक टैरिफ लगाएगा, इसे 25% से घटाकर 18% कर देगा। वे भी इसी तरह अमेरिका के खिलाफ अपने टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाओं को घटाकर शून्य कर देंगे। प्रधानमंत्री ने 500 बिलियन डॉलर से अधिक अमेरिकी एनर्जी, टेक्नोलॉजी, कृषि, कोयला और कई अन्य उत्पादों के अलावा अधिक लेवल पर “अमेरिकी सामान खरीदने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई। भारत के साथ हमारे अद्भुत संबंध भविष्य में और भी मज़बूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी और मैं दो ऐसे लोग हैं जो काम पूरा करते हैं, ऐसा ज़्यादा लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता।”
यह जानकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत को 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देने के कुछ दिनों बाद सामने आई है। जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को बधाई दी थी।
उन्होंने कहा था, संयुक्त राज्य अमेरिका की जनता की ओर से, मैं भारत सरकार और उनकी जनता को उनके 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई देता हूं। अमेरिका और भारत दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और दोनों एक ऐतिहासिक बंधन साझा करते हैं।
ट्रेड डील को किसी भी समय मंजूरी
इधर विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने भी एक हफ्ते पहले कहा था कि भारत-ईयू एफटीए पर बातचीत जारी रहने के साथ-साथ भारत-अमेरिकी ट्रेड डील मुद्दे पर भी प्रगति हासिल की है। आगे कहा कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को किसी भी समय अंतिम रूप दिया जा सकता है। दोनों पक्षों के लिए केवल औपचारिकताओं को अंतिम रूप देना बाकी है।
ट्रंप ने शेयर की इंडिया गेट की तस्वीर
इससे पहले, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इंडिया गेट की एक तस्वीर पोस्ट की और लिखा, “भारत का खूबसूरत विजय मेहराब। हमारा मेहराब सबसे महान होगा!”
मार्च 2025 से चल रही दोनों देशों में ट्रेड डील की बात
डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को दावा किया था कि भारत समेत कई देश वेनेजुएला से तेल आयात शुरू करना चाहता है। वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़े कच्चे तेल का भंडार है। उन्होंने कहा कि यह कदम वेनेजुएला में हुए कानूनी सुधारों के बाद उठाया गया है। अमेरिका ने 3 जनवरी को वेनेजुएला राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सैन्य कार्रवाई के गिरफ्तार कर लिया था।
भारत और अमेरिका मार्च 2025 से ट्रेड डील पर बात कर रहे हैं। पिछले साल अगस्त से अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगा रखा है। इसमें 25 प्रतिशत रेस्प्रोकल टैक्स और रूस से तेल खरीदने के रूप में 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ शामिल हैं।
इसके अलावा मई में भारत एवं पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव समाप्त कराने संबंधी ट्रंप के दावे और अमेरिका की नयी इमीग्रेशन पॉलिसी समेत कई अन्य मुद्दे के कारण भी संबंधों पर असर पड़ा है।
जयशंकर अमेरिका के लिए रवाना
इधर विदेश मंत्री एस. जयशंकर अहम मिनरल सप्लाई चेन पर अमेरिकी की अगुवाई में आयोजित मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए अमेरिका की तीन दिवसीय यात्रा पर सोमवार को रवाना हो गए हैं। जयशंकर की यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसे दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच संबंधों में आई तीव्र गिरावट के बाद स्थिति को सुधारने के अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसी संभावना है कि जयशंकर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “विदेश मंत्री एस. जयशंकर दो से पांच फरवरी तक अमेरिका की यात्रा करेंगे और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा बुलाई गई अहम खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेंगे। इस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री अमेरिका प्रशासन के वरिष्ठ सदस्यों के साथ बैठकें भी करेंगे।”
हाल ही में भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ एफटीए यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं, जो भारत के लिए काफी अहम माना जा रह है। आगे पढ़िए किसी भी दिन बन सकती है भारत-अमेरिका में ट्रेड डील पर बात, सिर्फ औपचारिकता ही बाकी
