भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो चुकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस ट्रेड डील के ऐलान को लेकर विपक्ष के कुछ सांसद सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी इस विषय पर प्रतिक्रिया दी है। कार्ति चिदंबरम ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मूडी करार दिया है।

कार्ति चिदंबरम ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, “मैंने हमेशा कहा है कि भारत को अमेरिका की ज़रूरत है और अमेरिका को भारत की जरूरत है। दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं और दोनों की आबादी भी बहुत ज्यादा है। अमेरिका भारत से आने वाली सप्लाई चेन को इतनी आसानी से रिप्लेस नहीं कर सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “…प्रेसिडेंट ट्रंप बहुत ही मूडी प्रेसिडेंट हैं। एक समय उन्होंने कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था खत्म हो गई है। अब वह कहते हैं कि वह भारत के साथ व्यापार करके बहुत खुश हैं। एक समय उन्होंने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने के लिए दखल दिया था…तो, हमें नहीं पता कि ट्रंप किस तरफ हैं।”

ट्रेड डील की शर्तों पर बात करते हुए कार्ति चिदंबरम ने कहा, “उन्होंने घोषणा की है कि वह टैरिफ 18% कम कर रहे हैं, लेकिन उसकी शर्तें क्या हैं? वह भारत को रूस और ईरान से तेल खरीदने से रोक रहे हैं – जो भारत के दो पुराने व्यापारिक पार्टनर हैं। वह कह रहे हैं कि भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा…क्या हम अभी अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर का सामान खरीद रहे हैं? क्या हम ऐसा करने में सक्षम हैं? जब तक हमारे पास ट्रेड पैक्ट की डिटेल्स नहीं होंगी, हम कैसे कोई फैसला दे सकते हैं? हम प्रेसिडेंट ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट पर फैसला नहीं दे सकते और प्रेसिडेंट ट्रंप अपने जल्दबाजी वाले बयानों के लिए जाने जाते हैं…”

‘हमें खुद तय करना चाहिए क्या करना है और क्या नहीं?’

कार्ति चिदंबरम ने आगे कहा कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति यह तय कर सकते हैं कि भारत किसके साथ ट्रेड करेगा, तो ऐसा लगता है कि हमारे इंटरनेशनल मामलों पर हमारी कोई पकड़ नहीं है। अमेरिका तय कर रहा है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। अभी कुछ समय पहले ही रूसी राष्ट्रपति हमारे यहां स्टेट डिनर के लिए आए थे। भारत के ईरान से भी ऐतिहासिक संबंध रहे हैं। यह पहले कभी नहीं हुआ। हम एक संप्रभु देश हैं और हमें यह तय करना चाहिए कि हमारे हितों के लिए सबसे अच्छा क्या है। हमें अमेरिका की जरूरत है और अमेरिका को हमारी जरूरत है, लेकिन यह रिश्ता आपसी भरोसे और सम्मान पर आधारित होना चाहिए।

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