जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के एक युवक को कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की ओर से लालच और धमकियां देकर अपने लिए काम करने को मजबूर करने की कोशिश की गई। हालांकि युवक ने इन कोशिशों का विरोध किया और किसी भी तरह की संवेदनशील जानकारी शेयर नहीं की। यह खुलासा सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उसके घर पर की गई कार्रवाई के दौरान हुआ।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से युवक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि उसकी उम्र करीब 35 साल है।
वाट्सएप कॉल के बाद हुआ शक
सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान से आ रही संदिग्ध वाट्सएप कॉल्स को इंटरसेप्ट किया था, जिसके बाद युवक के घर पर छापा मारा गया और उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
जांच में पता चला कि युवक को शुरुआत में यह विश्वास दिलाया गया था कि उससे संपर्क करने वाली महिला कश्मीर की रहने वाली है। लेकिन जब उसे पता चला कि महिला पाकिस्तान से संपर्क कर रही है, तो उसने दूरी बनानी शुरू कर दी। एक अधिकारी ने बताया, “पूछताछ और बैकग्राउंड की जांच के बाद युवक ने पूरी जानकारी शेयर की। उसके खिलाफ कोई आपत्तिजनक गतिविधि नहीं मिली, इसलिए उसे छोड़ दिया गया।”
सूत्रों के अनुसार, दिसंबर 2025 में युवक ने अपने इलाके में हुई बर्फबारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। इसी वीडियो पर खुद को कश्मीर की निवासी बताने वाली एक महिला ने टिप्पणी की थी। इसके बाद दोनों के बीच फेसबुक पर बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती बढ़ गई। मार्च में महिला ने युवक से उसका वाट्सऐप नंबर मांगा।
+92 नंबर देखकर खुला राज
जब महिला ने वाट्सऐप पर मैसेज भेजा तो युवक को उसके नंबर पर +92 कंट्री कोड दिखाई दिया, जो पाकिस्तान का कोड है। इस पर युवक को शक हुआ और उसने महिला से सवाल किया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इसके बाद महिला ने कथित तौर पर उसे पैसे का लालच देते हुए सीमा और अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती से जुड़ी तस्वीरें भेजने को कहा।
एक अधिकारी ने बताया,
“युवक ने तुरंत नंबर ब्लॉक कर दिया। लेकिन इसके बाद अलग-अलग नंबरों से उसे कॉल और मैसेज आने लगे, जिनमें कभी पैसे का लालच दिया गया तो कभी धमकियां दी गईं।”
कई नंबर किए ब्लॉक
सूत्रों के अनुसार, युवक ने ऐसे करीब एक दर्जन नंबर ब्लॉक कर दिए थे। इसी दौरान उसकी गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में आ गईं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि युवक किसी तरह की कट्टरपंथी गतिविधि में शामिल नहीं पाया गया और उसने लालच व धमकियों का विरोध किया। हालांकि एहतियात के तौर पर उस पर नजर रखी जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह पहला मामला नहीं है जब आईएसआई ने कथित तौर पर किसी स्थानीय युवक को “हनीट्रैप” के जरिए फंसाने की कोशिश की हो। करीब दो सप्ताह पहले पुलिस और सेना की संयुक्त टीम ने जम्मू-कश्मीर के मकवाल क्षेत्र के 23 वर्षीय एक युवक को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, उसे भी एक महिला ऑपरेटिव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट के जरिए अपने जाल में फंसाया था।
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सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक लव स्टोरी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के 22 वर्षीय युवक को नियंत्रण रेखा (LoC) पार कर जम्मू-कश्मीर पहुंचने पर मजबूर कर दिया। हालांकि, उत्तर कश्मीर के उरी सेक्टर में भारतीय सेना ने उसे पकड़ लिया और बाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस को सौंप दिया। पूरी खबर पढ़ें…
