चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी के दफ्तर पर हुए ग्रेनेड हमले में पुलिस के द्वारा दायर की गई चार्जशीट में कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। चार्जशीट में व्हाट्सएप पर भेजे गए संदेश में ‘दो प्याज, 30 दाने’ कोड वर्ड का जिक्र है। इस कोड के जरिये दो ग्रेनेड, एक पिस्टल और 25 से 30 कारतूस पंजाब में कई जगहों पर पहुंचाए गए। इस मामले में चंडीगढ़ की जिला अदालत में चार्जशीट दायर की गई है।

इस साल 1 अप्रैल को चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में स्थित पंजाब बीजेपी के दफ्तर पर हमला हुआ था। इस हमले के तार पाकिस्तान और पुर्तगाल से भी जुड़ते हैं।

चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि हमले में पाकिस्तान के ड्रोन, पुर्तगाल में बैठे हुए हैंडलर, स्थानीय लोग शामिल थे और डिजिटल मनी ट्रांसफर के जरिए पैसे का लेनदेन हुआ। पुलिस ने चार्जशीट में चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी सहित कई लोगों को आरोपी बनाया है।

इंडियन एक्सप्रेस को चार्जशीट की कॉपी मिली है। चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी ने पुलिस को बताया कि इस साल 16 मार्च को उसे पुर्तगाल में रहने वाले बलजोत सिंह उर्फ जोटा ने व्हाट्सएप कॉल की। उससे कहा गया कि वह मजारी गांव के अमेजिंग हेयर सैलून से ‘दो प्याज और 30 दाने’ कोड वाला पार्सल ले ले।

जसवीर सिंह उर्फ जस्सी को दे दिया पार्सल

इस सैलून का मालिक बलविंदर लाल उर्फ शम्मी है। चन्नी ने बताया कि बलजोत के निर्देश पर वह नवांशहर जिले के भारपुर गांव पहुंचा और वहां उसने यह पार्सल जसवीर सिंह उर्फ जस्सी को दे दिया। चन्नी के मुताबिक, जस्सी को निर्देश दिया गया था कि वह अपने गांव के बस स्टॉप पर इस पार्सल को पहुंचा दे। जस्सी ने पुलिस को बताया कि बलजोत सिंह ने उसे लालच दिया था कि वह इस काम के बदले उसे विदेश में सेटल कर देगा।

शाम को करीब 6 बजे गुरतेज सिंह उर्फ तेजी और रूबल चौहान टीवीएस मोटरसाइकिल से गांव के बस स्टॉप पर आए और पार्सल अपने साथ ले गए।

चार्जशीट के मुताबिक, गुरतेज सिंह उर्फ तेजी ने बताया कि एंजेला नाम की एक महिला ने उससे संपर्क किया था। एंजेला ने उसे इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और एनक्रिप्टेड Zangi ऐप के जरिए उसे मैसेज भेजे और कहा कि वह इस पार्सल को ले ले और बदले में उसे पैसे दिए जाएंगे। इस पार्सल में दो ग्रेनेड, एक पिस्तौल और गोला-बारूद था। पुलिस के मुताबिक, गुरतेज सिंह को निर्देश दिया गया था कि वह इसे आगे भेज दे।

चंडीगढ़ सेक्टर 37 पहुंचे दो आरोपी

चार्जशीट के मुताबिक, 1 अप्रैल को अमनप्रीत सिंह उर्फ अमन और गुरतेज सिंह बीजेपी दफ्तर पहुंचे लेकिन वहां काफी लोग जमा थे। इस वजह से वे ग्रेनेड हमला नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने गूगल मैप का सहारा लिया और बीजेपी के एक और दफ्तर की तलाश की। उन्हें सेक्टर 37 में दफ्तर मिला। दोनों ऑटो रिक्शा से वहां पहुंचे और 15 से 20 मिनट तक इंतजार किया। इसके बाद अमनप्रीत ने ऑफिस की चारदीवारी पर ग्रेनेड फेंक दिया और गुरतेज ने इस घटना का वीडियो बनाया और Zangi ऐप के जरिए हैंडलर को भेज दिया। इसके बाद दोनों बस में बैठकर वहां से फरार हो गए।

पुलिस की चार्जशीट में जसवीर सिंह, बलविंदर लाल, हजनबीर सिंह उर्फ ​​हाजी, रूबल चौहान, मनदीप शर्मा, नवदीप, इकबाल सिंह, अमनप्रीत सिंह और गुरतेज सिंह का नाम शामिल है। इस मामले में पुलिस के पास सबूत के तौर पर आरोपियों के बयान, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और कई अन्य अहम चीजें हैं।

पुलिस ने जब इन सारी घटनाओं को जोड़ा तो पता चला कि किस तरह हथियारों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया गया। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क पहले भी हथियारों को इधर से उधर करने और पाकिस्तान की सीमा से ड्रोन के जरिए गिराई गई हेरोइन की खेप को हासिल करने में शामिल रहा है।

आरोपियों के बैंक खातों में भेजे जाते थे पैसे

पुलिस ने बताया है कि इस पूरे नेटवर्क को इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप और Zangi ऐप के जरिए चलाया जा रहा था। काम पूरा होने के बाद आरोपियों के बैंक खातों में पैसे भेजे जाते थे और इन्हें तुरंत निकाल लिया जाता था। पुलिस ने इस मामले में UAPA, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराएं लगाई हैं। 

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