राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने, सोना ना खरीदने वाली अपील पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता ने लिखा कि प्रधानमंत्री लोगों से सोना न खरीदने, विदेश यात्रा कम करने, पेट्रोल कम इस्तेमाल करने, खाद और खाने के तेल की खपत घटाने, मेट्रो से सफर करने और घर से काम करने जैसी सलाह दे रहे हैं।
कांग्रेस सांसद ने इसे ‘उपदेश नहीं, बल्कि नाकामी के सबूत’ बताया। उन्होंने कहा, ”12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है – क्या ख़रीदे, क्या न ख़रीदे, कहां जाए, कहां न जाए। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें। ये उपदेश नहीं – ये नाकामी के सबूत हैं।”
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार हर बार जिम्मेदारी जनता पर डाल देती है ताकि खुद जवाबदेही से बच सके। अपने बयान में उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, “देश चलाना अब Compromised PM के बस की बात नहीं।”
मोदी जी ने कल जनता से त्याग मांगे – सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम जलाओ, खाद और खाने का तेल कम करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो।
कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने उठाए सवाल
केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ”ईरान-अमेरिका युद्ध के तीन महीने बीत चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में अभी भी पूरी तरह से बेखबर हैं। यह शर्मनाक, गैरजिम्मेदाराना और सरासर अनैतिक है कि प्रधानमंत्री इस वैश्विक संकट से हमारी अर्थव्यवस्था को अप्रभावित रखने के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाने के बजाय आम नागरिक को असुविधा में धकेल रहे हैं।”
पीएम मोदी ने जनता से क्या अपील की?
हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन की बचत और घरेलू संसाधनों को प्राथमिकता देने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि नागरिकों को जहां तक संभव हो सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना चाहिए और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने मेट्रो वाले शहरों में लोगों से मेट्रो से यात्रा करने, जरूरत पड़ने पर कारपूलिंग अपनाने और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक उपयोग करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कोरोना काल के दौरान शुरू हुई वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी व्यवस्थाओं को आगे भी अपनाया जा सकता है ताकि अनावश्यक यात्रा कम हो।
इसके अलावा पीएम मोदी ने लोगों से एक साल तक गैर-जरूरी विदेश यात्राओं और सोने की खरीदारी से बचने तथा स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने की भी अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा, ”हमें पेट्रोल और डीजल के इस्तेमाल को कम करना होगा। जिन शहरों में मेट्रो सुविधा है, वहां लोगों को मेट्रो से सफर करने का संकल्प लेना चाहिए। अगर कार का इस्तेमाल जरूरी हो तो कारपूलिंग की कोशिश करनी चाहिए। जिनके पास इलेक्ट्रिक वाहन हैं, उन्हें उनका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना चाहिए।”
