तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) का सहयोग करने के लिए द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। पार्टी ने उन्हें पीठ में छुरा घोंपने वाला बताया है। डीएमके के प्रवक्ता श्रवणन अन्नादुरई ने कहा कि उनकी पार्टी तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए विजय की टीवीके को कांग्रेस द्वारा दिए गए समर्थन का समर्थन नहीं करती।
दरअसल, देर रात हुई कांग्रेस की संसदीय कार्य समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया है कि पार्टी राज्य में नई सरकार के गठन के लिए विजय की पार्टी का समर्थन करेगी। बैठक के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “पार्टी के लिए यह बात स्पष्ट है कि तमिलनाडु में मिला जनादेश एक धर्मनिरपेक्ष सरकार के पक्ष में है, जो संविधान की भावना और शब्द दोनों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हो। पार्टी ने कहा कि वह किसी भी हाल में भाजपा और उसके सहयोगियों को तमिलनाडु में सरकार चलाने की अनुमति नहीं देगी।”
राहुल गांधी और विजय की तस्वीर शेयर करते हुए अन्नादुरई ने आगे कहा, “कांग्रेस में किसी ने बड़ी गलती कर दी है।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के पास केवल 5 सीटें हैं और पार्टी ने खुद को पूरी तरह मजाक बना लिया है। अन्नादुरई ने सवाल उठाते हुए कहा, “वह बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाएगी। अब 43 सीटों वाली एडीएमके टीवीके को समर्थन देने को तैयार है तो टीवीके किसका समर्थन लेगी?”
कांग्रेस ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव डीएमके के साथ गठबंधन में लड़ा था। डीएमके के प्रवक्ता टी.के.एस. इलंगोवन ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के भीतर कुछ लोग शुरुआत से ही विजय का समर्थन करना चाहते थे। उन्होंने कहा, “कांग्रेस हर राज्य में यही कर रही है और आखिरकार हर जगह हार रही है। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में उनका सफाया हो गया। महाराष्ट्र में भी उनकी कोई संभावना नहीं है। वे ऐसा कर रहे हैं जिससे उनकी पार्टी खत्म हो सकती है।”
एआईएडीएमके में दरार?
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) भी तमिलनाडु चुनाव नतीजों के बाद अंदरूनी संकट का सामना करती दिख रही है। पार्टी में यह बड़ा विवाद उभरकर सामने आया है कि क्या उसे टीवीके प्रमुख विजय का समर्थन करना चाहिए या नहीं।
सूत्रों के मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम पर भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व का भी असर है जो तमिलनाडु में कांग्रेस को सरकार का हिस्सा बनने से रोकना चाहता है।
एआईएडीएमके के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि दिल्ली में भाजपा नेतृत्व कांग्रेस समर्थित टीवीके सरकार के गठन को लेकर सहज नहीं है। खासकर केरल में कांग्रेस की हालिया बढ़त के बाद। बता दें कि विजय की पार्टी को 108 सीटें मिली हैं, जो बहुमत के 118 के आंकड़े से कम है। ऐसे में सरकार बनाने के लिए गठबंधन जरूरी हो गया है।
राजनीतिक घटनाक्रम संकेत देते हैं कि बीजेपी एआईएडीएमके को विजय के समर्थन की ओर बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ताकि कांग्रेस और वाम दलों की भूमिका सीमित रहे। हालांकि, मंगलवार रात स्थिति तब और गरमा गई जब एआईएडीएमके की वरिष्ठ नेता लीमा रोज मार्टिन ने सार्वजनिक रूप से पुष्टि की कि टीवीके और एआईएडीएमके के बीच बातचीत चल रही है। यह खुलासा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि उनके दामाद आधार अर्जुन विजय के करीबी सहयोगी माने जाते हैं। इन बातचीत में उनकी भूमिका बताई जा रही है। इस बीच, समाचार एजेंसी पीटीआई ने रिपोर्ट किया है कि विजय 6 मई को शपथ ले सकते हैं।
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सोमवार को जारी विधान सभा चुनाव नतीजों के बाद तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिल सकता है। अभिनेता से नेता बने जोसेफ विजय की पार्टी से गठबंधन के मुद्दे पर एआईएडीएमके के अंदर टूट का खतरा पैदा हो गया है। पार्टी में इस बात को लेकर गहरी खींचतान चल रही है कि टीवीके प्रमुख जोसेफ विजय के साथ मिलकर सरकार बनाने का समर्थन किया जाए या नहीं। पूरी खबर पढ़ें…
