कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और आर.एस. सुरजेवाला की मौजूदगी में विधायक दल की बैठक हुई। दोनों नेताओं देखरेख में इस बैठक में डीके शिवकुमार को विधायक दल का नेता चुना गया। साथ ही बैठक में नए मंत्रिमंडल पर भी चर्चा की गई।
इसके बाद कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार कांग्रेस विधायक दल की बैठक में नेता चुने गए इसके बाद उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा पेश किया।
इधर सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के दो दिन बाद उनके मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की तैयारियां जोरों पर हैं। जून के पहले हफ्ते में डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
किस दिन होगा मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह?
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा पेश किए गए एक प्रस्ताव के बाद, डी.के. शिवकुमार को कर्नाटक कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता चुना गया। इस प्रस्ताव का समर्थन जी. परमेश्वर ने किया। बैठक के दौरान, सिद्धारमैया ने पार्टी विधायकों को संबोधित किया और उन्हें पिछले कुछ दिनों के घटनाक्रमों के बारे में जानकारी दी।
खबरों के अनुसार, बैठक में सिद्धारमैया ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार से समर्थन न मिलने और उनके अन्याय के बावजूद, कर्नाटक सरकार ने अपनी गारंटी योजनाओं को लागू किया है।
KPCC के कार्यकारी अध्यक्ष GC चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार 3 जून को कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। चंद्रशेखर ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्य की राजधानी में भीड़ न लगाएं। उन्होंने कहा कि शपथ लेने के बाद, शिवकुमार के ज़िला मुख्यालयों का दौरा करने और पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करने की उम्मीद है। 3 जून को शिवकुमार के साथ-साथ कई विधायकों के भी मंत्री पद की शपथ लेने की उम्मीद है। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे और कांग्रेस नेता प्रियंका खड़गे और सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र भी मौजूद रहे।
राज्यपाल से मिलने जा रहे शिवकुमार
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने कहा, “अब, डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री के तौर पर दावा पेश करने के लिए राजभवन जा रहे हैं, और 3 जून की शाम को वह अपनी टीम के साथ मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।”
आगे कहा, “हर किसी को लगा था कि यह बदलाव कांग्रेस पार्टी के लिए एक समस्या बन जाएगा। हर किसी ने यही सोचा था। हम एक परिवार हैं, एक महान परिवार। कांग्रेस विधायक दल ने पिछले आठ वर्षों तक मुख्यमंत्री के तौर पर सिद्धारमैया की सेवाओं को सर्वसम्मति से सराहा है। यह प्रस्ताव किसी और ने नहीं, बल्कि खुद डीके शिवकुमार ने पेश किया था। उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के तौर पर उनकी बेहतरीन सेवाओं के लिए उन्हें बधाई देते हुए एक प्रस्ताव पेश किया। यह कांग्रेस पार्टी के लिए एक गर्व का क्षण है… 2028 में, कांग्रेस सभी नेताओं के समर्थन से कर्नाटक में सत्ता में वापसी करेगी।”
कार्यकर्ता कर रहे अपने नेता को डिप्टी सीएम बनाने की मांग
इधर दलित समुदाय के नेताओं ने शनिवार को केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पर विरोध प्रदर्शन किया और मांग की कि पूर्व मंत्री के.एच. मुनियप्पा को राज्य का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जाए। जानकारी दे दें कि सिद्धारमैया के बेटे के नाम भी डिप्टी सीएम की रेस में है।
इधर सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र CLP मीटिंग के लिए विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा, “हम CLP मीटिंग में शामिल होने आए हैं। मीटिंग का एजेंडा लेजिस्लेटिव पार्टी का लीडर चुनना है। हम पार्टी के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।” जब उनसे पूछा गया कि क्या वह डिप्टी CM बनेंगे, तो उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता।”
डिप्टी सीएम को लेकर भी हुई चर्चा
हालांकि अभी औपचारिक तौर पर अगले मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन शुक्रवार को हुई चर्चाओं में सिद्धारमैया की भविष्य की भूमिका और शिवकुमार के सीएम बनने और उनकी सरकार में नए उपमुख्यमंत्रियों की संख्या बड़े मुद्दे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस पहले के चार उपमुख्यमंत्रियों के बजाय इनकी संख्या को दो तक सीमित करने पर विचार कर रही थी।
कर्नाटक अध्यक्ष के नाम पर चर्चा
बैठक में प्रदेश अक्ष्यक्ष के नाम पर चर्चा की जा रही है क्योंकि अभी तक डीके शिवकुमार प्रदेश अध्यक्ष थे। इस बारे में कर्नाटक के मंत्री MC सुधाकर ने कहा, “हाई कमान जो भी फ़ैसला करेगा, हम उसे मानेंगे और उसका पालन करेंगे। अभी डीके शिवकुमार KPCC अध्यक्ष हैं, और जब यह पद खाली होगा, तो पार्टी का हाई कमान शायद कोई फ़ैसला लेगा। अभी सतीश जारकीहोली इस दौड़ में सबसे आगे हैं।”
कांग्रेस के आलाकमान ने सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के साथ इसी सप्ताह में दिल्ली में एक मीटिंग की थी। इस मीटिंग में सिद्धारमैया से इस्तीफा देने को कहा गया। गुरुवार को इस्तीफा देने वाले सिद्धारमैया ने कहा कि उन्होंने राज्यसभा में प्रवेश के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। आगे कहा कि वह राज्य की सेवा करना चाहते हैं और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी कोई रुचि नहीं है।
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कर्नाटक में आज सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस अपने विधायक दल का नेता चुनेगी। सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री के तौर पर इस्तीफा देने के बाद विधायक दल का नया नेता चुना जाना है, जो राज्य के नए मुख्यमंत्री भी होंगे। इस कांग्रेस विधायक दल (CLP) ने बेंगलुरु में एक बैठक बुलाई है, जिसमें अलगा नेता कौन होगा, इस बात पर मुहर लगेगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
