कर्नाटक की राजनीति में डी.के. शिवकुमार का दौर शुरू होने जा रहा है। वह जल्द ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले हैं। बताया जा रहा है कि डी.के. शिवकुमार के साथ 10 मंत्री भी शपथ ले सकते हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सामाजिक समीकरण साधने के लिए कांग्रेस दो उपमुख्यमंत्री भी बना सकती है। इस पद के लिए जी. परमेश्वर जैसे नेताओं का नाम सबसे आगे चल रहा है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ इस मुद्दे पर अहम बैठक हुई है। इस बैठक में डी.के. शिवकुमार के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया भी मौजूद थे। वहीं, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने भी बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में कैबिनेट विस्तार से लेकर कई अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
कैसे बनी थी सहमति, क्यों हुआ इस्तीफा?
जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले ही सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद कांग्रेस हाईकमान की राजधानी दिल्ली में एक अहम बैठक हुई थी। इस बैठक में डी.के. शिवकुमार और सिद्धारमैया दोनों को बुलाया गया था। तभी लगभग यह तय हो गया था कि अब कर्नाटक की कमान डी.के. शिवकुमार को सौंपी जाएगी, जबकि सिद्धारमैया के लिए राष्ट्रीय राजनीति के रास्ते खोले जाएंगे।
बताया जा रहा है कि पार्टी 2029 के लोकसभा चुनाव में सिद्धारमैया को एक बड़े ओबीसी चेहरे के रूप में पेश करना चाहती है। इसके लिए उन्हें राज्यसभा भेजने की तैयारी भी की जा रही है।
डीके की चाहत, समर्थकों का दबाव
डी.के. शिवकुमार की बात करें तो वह लंबे समय से कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनने की इच्छा रखते थे। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत के बाद भी कई दिनों तक इस बात पर चर्चा होती रही थी कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। माना जाता है कि उस समय ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले पर सहमति बनी थी। इसी समझौते के तहत अब सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद डी.के. शिवकुमार को कर्नाटक की कमान सौंपी जा रही है।
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